इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का आज (12 मार्च) युद्ध का 13वां दिन है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर कच्चे तेल की कीमतों पर देखने को मिल रहा है।
US Israel Iran War : इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का आज (12 मार्च) युद्ध का 13वां दिन है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर कच्चे तेल की कीमतों पर देखने को मिल रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के बंद होने के बाद तेल की कीमतें आसमान पर जा रही हैं। इस बीच इराकी जल क्षेत्र में तेल के टैंकरों पर हमले के कारण 12 मार्च, दिन गुरुवार को एशियाई बाजार में तेल की कीमतों में वृद्धि हुई है। दूसरी तरफ इराक के तेल मंत्रालय ने खाड़ी में तेल टैंकरों पर हुए हमलों पर चिंता जताई है और “: समुद्री रास्तों की सुरक्षा” की मांग की है। इसके पहले ही अमेरिका इजरायल और ईरान के बीच चल रही इस जंग के कारण तेल की सप्लाई ठप हो चुकी है, जिससे बाजार सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। इसी बीच यह खबर सामने आई है कि इराक और कुवैत के पास दो अंतरराष्ट्रीय तेल टैंकरों (international oil tankers) पर हमला हुआ है।
आज कच्चे तेल की कीमत कितनी हो गई?
इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के अब तक के सबसे बड़े Strategic Reserve के रिलीज की घोषणा के बावजूद कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी है। ताजा जानकारी के मुताबिक, कच्चा तेल 101 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चला गया है, जो युद्ध शुरू होने से पहले की तुलना में 38 प्रतिशत से ज्यादा है।
अमेरिका, IEA करेंगे तेल रिजर्व से रिलीज
अमेरिका ने Strategic Petroleum Reserve से 172 मिलियन बैरल तेल जारी करने का ऐलान किया है।
इसके अलावा इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (International Energy Agency) भी अपने भंडार से रिकॉर्ड 400 मिलियन बैरल तेल जारी करने वाली है।
जो अब तक कि उनकी सबसे बड़ी निकासी होगी। साल 2022 में उन्होंने 200 मिलियन बैरल तेल की निकासी की थी जब रूस और यूक्रेन वॉर बढ़ गया था। जापान और जर्मनी ने भी अपने तेल भंडार से तेल जारी करने की बात कही है हालांकि वह कितना जारी करेंगे और कब करेंगे इसे लेकर स्थिति साफ नहीं है।