वाराणसी में इन दिनों पितरों के तर्पण के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुट रही है। इसी बीच अमेरिका से जैक्सन अपने दिवंगत चाचा नेट की अस्थियां लेकर काशी पहुंचे। शनिवार को उन्होंने अस्सी घाट पर विधि-विधान से अस्थि विसर्जन और पिंडदान कराया। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान जैक्सन काफी भावुक नजर आए...
वाराणसी में इन दिनों पितरों के तर्पण के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुट रही है। इसी बीच अमेरिका से जैक्सन अपने दिवंगत चाचा नेट की अस्थियां लेकर काशी पहुंचे। शनिवार को उन्होंने अस्सी घाट पर विधि-विधान से अस्थि विसर्जन और पिंडदान कराया। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान जैक्सन काफी भावुक नजर आए।
‘चाचा बार-बार सपने में आते थे’
जैक्सन ने बताया कि बचपन से ही उनका अपने चाचा नेट से गहरा लगाव था। चाचा के निधन के बाद भी वह उन्हें लगातार याद करते रहे। उन्होंने बताया कि नेट अक्सर उनके सपने में दिखाई देते थे। बार-बार ऐसा होने के बाद वह इसका समाधान तलाशने लगे।
इसी दौरान उन्होंने काशी और यहां होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों से जुड़ा एक वीडियो देखा। वीडियो में उन्हें अस्थि विसर्जन और पिंडदान की धार्मिक मान्यताओं के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने चाचा की अंतिम इच्छा पूरी करने के लिए भारत आने और काशी में उनके लिए धार्मिक अनुष्ठान कराने का फैसला किया।
काशी में रोज पहुंच रहे हजारों श्रद्धालु
इन दिनों पितरों के तर्पण के लिए वाराणसी के गंगा घाटों और पिशाचमोचन कुंड पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, रोज करीब 50 हजार लोग अपने पूर्वजों का तर्पण और पिंडदान करने काशी पहुंच रहे हैं।
बताया गया है कि पिछले सात दिनों में ही तीन लाख से अधिक श्रद्धालु अपने पितरों का तर्पण कर चुके हैं। इनमें देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले लोगों के साथ विदेश से पहुंचने वाले श्रद्धालु भी शामिल हैं।