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Video : ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान दिल्ली में चीनी राष्ट्रपति का विरोध, सुरक्षा चक्र तोड़कर तिब्बती युवाओं ने जिनपिंग के खिलाफ की नारेबाजी

Protest against the Chinese President in Delhi : देश की राजधानी दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत वैश्विक नेता पहुंचे हुए हैं। लेकिन, शनिवार शाम इस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान सुरक्षा को लेकर बड़ी चूक सामने आयी, जब ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के वीवीआईपी सुरक्षा चक्र को ठेंगा दिखाते हुए तिब्बत यूथ स्टूडेंट ग्रुप के सदस्यों तथा तिब्बती यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने ज़बरदस्त विरोध प्रदर्शन किया।

By Abhimanyu 
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Protest against the Chinese President in Delhi : देश की राजधानी दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत वैश्विक नेता पहुंचे हुए हैं। लेकिन, शनिवार शाम इस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान सुरक्षा को लेकर बड़ी चूक सामने आयी, जब ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के वीवीआईपी सुरक्षा चक्र को ठेंगा दिखाते हुए तिब्बत यूथ स्टूडेंट ग्रुप के सदस्यों तथा तिब्बती यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने ज़बरदस्त विरोध प्रदर्शन किया।

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जानकारी के अनुसार, आईटीओ और भारत मंडपम के अति-संवेदनशील इलाकों के पास दर्जनों तिब्बती युवाओं ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान ‘स्टूडेंट्स फॉर ए फ्री तिब्बत’ के पांच सक्रिय कार्यकर्ता सबसे सुरक्षित माने जाने वाले प्रगति मैदान टनल के भीतर दाखिल हो गए। वे टनल के पिलरों पर चढ़े, तिब्बत का ध्वज फहराया। उनके हाथ में “Xi Jinping = Genocide” का बैनर भी था। अचानक हुए इस प्रदर्शन से दिल्ली पुलिस प्रशासन, खुफिया तंत्र व केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के हाथ-पांव फूल गए। पुलिस ने आनन-फानन में हिरासत में लिया, जिन्हें बाद में लुटियंस जोन से काफी दूर ले जाकर छोड़ा गया।

भारत मंडपम में मौजूद दुनिया भर के मीडिया प्रतिनिधियों व राष्ट्राध्यक्षों की उपस्थिति का लाभ उठाकर तिब्बती संगठनों ने यह संदेश दिया कि तिब्बत की संप्रभुता का संघर्ष अभी समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने तिब्बत में चीन द्वारा किए जा रहे सांस्कृतिक अतिक्रमण, धार्मिक पाबंदियों व मानवाधिकारों के उल्लंघन का मुद्दा वैश्विक पटल पर उठाया है। हालांकि, इस घटना से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े होते हैं।

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