करोड़ों रुपये के बहुचर्चित एनआरएचएम घोटाले में आरोपी पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव उर्फ ज्ञानेन्द्र प्रताप के छोटे भाई स्वास्थ्य विभाग में लिपिक अजय कुमार श्रीवास्तव पर भी विजिलेंस टीम ने शिकंजा कस दिया है। विजिलेंस टीम ने अजय श्रीवास्तव के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति के मामले की जांच के तहत बुधवार को लखनऊ व गोंडा स्थित ठिकानों पर छापेमारी की, जिनमें लखनऊ स्थित छह मंजिला मिलेनिया रिजेन्सी होटल भी शामिल है।
लखनऊ। करोड़ों रुपये के बहुचर्चित एनएचएम (पहले एनआरएचएम) घोटाले में आरोपी पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव उर्फ ज्ञानेन्द्र प्रताप के छोटे भाई स्वास्थ्य विभाग में लिपिक अजय कुमार श्रीवास्तव पर भी विजिलेंस टीम ने शिकंजा कस दिया है। विजिलेंस टीम ने अजय श्रीवास्तव के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति के मामले की जांच के तहत बुधवार को लखनऊ व गोंडा स्थित ठिकानों पर छापेमारी की, जिनमें लखनऊ स्थित छह मंजिला मिलेनिया रिजेन्सी होटल भी शामिल है।
छापेमारी के दौरान जांच में अजय कुमार श्रीवास्तव की 28 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियां सामने आई हैं। होटल रिजेन्सी में पूर्व विधायक की पत्नी पूजा श्रीवास्तव भी साझीदार हैं। विजिलेंस टीम ने बीते दिनों पूर्व विधायक को आय से अधिक संपत्ति के मामले में गिरफ्तार किया था। बता दें कि अजय एनएचएम घोटाले में मुकेश श्रीवास्तव के विरुद्ध दर्ज मुकदमे में भी आरोपी हैं।
छापेमारी के विवरण
विजिलेंस अयोध्या सेक्टर की टीम ने कोर्ट से सर्च वारंट हासिल कर आरोपी बहराइच निवासी अजय श्रीवास्तव के तीन ठिकानों पर छापेमारी की। सीएमओ कार्यालय बलरामपुर में तैनाती के दौरान आरोपी अजय श्रीवास्तव के विरुद्ध खुली जांच की गई थी, जिसमें उसकी आय से अधिक 763.65 प्रतिशत संपत्ति पाई गई थी। विजिलेंस ने मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू की थी।
विजिलेंस टीम ने बुधवार को गोंडा के जानकीनगर स्थित अजय श्रीवास्तव के आवास, लखनऊ में मटियारी तिराहे के पास स्थित मिलेनिया रिजेन्सी होटल और इंदिरानगर स्थित मकान में छापा मारा। जांच में उसकी व परिवार के नाम जुटाई गई अकूत संपत्ति सामने आई है। गोंडा में एक और लखनऊ में पांच अवासीय भूखंडों के अलावा बलरामपुर, बहराइच व श्रावस्ती में सात कृषि भूमि हैं। इन अचल संपत्तियों का कुल मूल्य लगभग तीन करोड़ रुपये आंका गया है। वहीं छह मंजिला 108 कमरों वाले मिलेनिया रिजेन्सी होटल की कीमत लगभग 15 करोड़ रुपये आंकी गई है। होटल की साज-सज्जा व विलासिता की वस्तुओं में लगभग पांच करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
परिवार के नाम संपत्तियों की जानकारी
विजिलेंस की जांच में पता चला कि पटेलनगर स्थित तीन मंजिला आवास मुकेश श्रीवास्तव व अजय श्रीवास्तव की पत्नियों के नाम दर्ज है। मकान के निर्माण में लगभग दो करोड़ रुपये खर्च किए गए और साज-सज्जा व अन्य सामानों में लगभग 70 लाख रुपये खर्चे गए। इसके अलावा लखनऊ के इंदिरानगर में निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत (लगभग 4000 वर्ग फीट) भी आरोपी तथा उसके भाई पूर्व विधायक की पत्नियों के नाम पाई गई है, जिसकी अनुमानित कीमत 80 लाख रुपये है। छापेमारी में 50 लाख रुपये के अन्य निवेश से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। इसके अलावा लखनऊ के इंदिरानगर में निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत (लगभग 4000 वर्ग फीट) आरोपी की पत्नी व उसके भाई पूर्व विधायक की पत्नी के नाम पायी गयी है जिसका अनुमानित मूल्यांकन 80 लाख पाया गया है।
वॉर्ड बॉय से बना लिपिक, भाई के जरिए कमाए करोड़ों
लखनऊ, गोंडा, बलरामपुर, बहराइच व श्रावस्ती में करोड़ों की संपत्तियों के मालिक अजय कुमार श्रीवास्तव की स्वास्थ्य विभाग में भर्ती वॉर्ड बॉय के रूप में हुई थी। बाद में विधायक भाई मुकेश कुमार श्रीवास्तव की मदद से उसने तमाम घोटालों के जरिए करोड़ों रुपये बनाए। वर्तमान में अजय श्रीवास्तव बाराबंकी सीएमओ दफ्तर में वरिष्ठ लिपिक के पद पर तैनात है।
पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव को विजिलेंस ने 10 जून 2026 को वेव मॉल के पास से गिरफ्तार किया था। उसके बाद से ही अजय श्रीवास्तव दफ्तर नहीं आया है। विजिलेंस जल्द ही उसके खिलाफ गैर जमानती वॉरंट जारी करवा उसे गिरफ्तार करने का प्रयास करेगा। अजय श्रीवास्तव के खिलाफ आय से अपने अधिक संपत्ति के मामलों के अलावा वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े चार और मामले दर्ज हैं, जिनमें वह अपने भाई के साथ आरोपित है। विजिलेंस ने छापेमारी के दौरान जो दस्तावेज बरामद किए हैं उनसे खुलासा हुआ है कि मटियारी स्थित 108 कमरे का लग्जरी होटल अजय श्रीवास्तव, उसकी पत्नी सविता और भाभी पूजा श्रीवास्तव (पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव की पत्नी) के नाम पर है। जांच में यह भी सामने आया है कि ज्यादातर संपत्तियां अजय और उसकी पत्नी सविता के नाम पर हैं।
गोंडा में मकान सील, अनुमानित कीमत लगभग एक करोड़ रुपये
विजिलेंस आरोपी के परिवारीजनों के नाम पर संचालित विभिन्न कंपनियों के बारे में भी छानबीन कर रही है। परिवार के नाम और संपत्तियां होने की आशंका है। अजय के गोंडा स्थित आवास पर कोई उपस्थित नहीं था। इसके कारण मकान को सील कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। इस मकान की अनुमानित कीमत लगभग एक करोड़ रुपये आंकी गई है।
सीएमओ कार्यालय बाराबंकी में तैनात आरोपी लिपिक फरार
विजिलेंस को आरोपी लिपिक अजय श्रीवास्तव के वर्तमान में सीएमओ कार्यालय बाराबंकी में तैनात होने की जानकारी मिली। एक टीम बाराबंकी भी पहुंची पर अब आरोपी कार्यालय में नहीं मिला। वह कई दिनों से कार्यालय भी नहीं जा रहा है।