गवान श्रीहरिको समर्पित ज्येष्ठ अधिकमास के समापन के साथ ही मांगलिक कार्यों की शुरूआत हो जाएगी। अधिकमास समाप्त होने के बाद ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति अनुकूल हो जाएगी।
Wedding Muhurat 2026 : भगवान श्रीहरिको समर्पित ज्येष्ठ अधिकमास के समापन के साथ ही मांगलिक कार्यों की शुरूआत हो जाएगी। अधिकमास समाप्त होने के बाद ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति अनुकूल हो जाएगी। पंचांग के अनुसार, अधिकमास की समाप्ति के बाद 19 जून 2026 से शहनाईयां बजना आरंभ हो जाएगी। इसके पहले धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अधिकमास में विवाह जैसे शुभ कार्य नहीं किए जाते, इसलिए बड़ी संख्या में परिवार शुभ मुहूर्तों का इंतजार कर रहे थे
इस दौरान मुख्य रूप से उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा और मूल नक्षत्र में विवाह संस्कार संपन्न कराए जाएंगे। मान्यता है कि इन नक्षत्रों में संपन्न विवाह दांपत्य जीवन में प्रेम, सामंजस्य और सुख-समृद्धि को बढ़ावा देते हैं।
जून और जुलाई में कुल 17 विवाह मुहूर्त
जून 2026 के विवाह मुहूर्त
19, 20, 21, 22, 23, 24, 25, 26, 27, 28, 29 और 30 जून
जुलाई 2026 के विवाह मुहूर्त
1, 2, 6, 7, 8 और 11 जुलाई
ज्योतिष विशेषज्ञों का कहना है कि 1 जुलाई से आषाढ़ माह प्रारंभ हो जाएगा।परंपरागत रूप से आषाढ़ में विवाह के मुहूर्त सीमित माने गए है।