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मंत्री, अधिकारी, प्रिंसिपल और शिक्षक अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में क्यों पढ़ाते हैं? क्या उन्हें अपने काम पर भरोसा नहीं : अभिजीत दीपके

School Thik Karo : दिल्ली में छात्रों के आंदोलन का नेतृत्व करने वाली कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 15 अगस्त को 'स्कूल ठीक करो' अभियान शुरू किया है। जिसके तहत सीजेपी के कार्यकर्ता लोगों को अपने इलाके के स्कूलों की हालत बेहतर करने की मांग के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इस बीच, सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सवाल उठाया है कि मंत्री, अधिकारी, प्रिंसिपल और शिक्षक अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में क्यों पढ़ाते हैं? क्या उन्हें अपने काम पर भरोसा नहीं है? 

By Abhimanyu 
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School Thik Karo : दिल्ली में छात्रों के आंदोलन का नेतृत्व करने वाली कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 15 अगस्त को ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान शुरू किया है। जिसके तहत सीजेपी के कार्यकर्ता लोगों को अपने इलाके के स्कूलों की हालत बेहतर करने की मांग के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इस बीच, सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सवाल उठाया है कि मंत्री, अधिकारी, प्रिंसिपल और शिक्षक अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में क्यों पढ़ाते हैं? क्या उन्हें अपने काम पर भरोसा नहीं है?

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सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मंगलवार को एक्स पोस्ट में लिखा, ‘शिक्षा विभाग में काम करने वाले सभी लोगों को – जिनमें मंत्री, अधिकारी, प्रिंसिपल और शिक्षक शामिल हैं – अपने बच्चों का दाखिला सरकारी स्कूलों में कराना चाहिए। फिर देखिए कि हमारे सरकारी स्कूलों में कितनी तेज़ी से और जादुई ढंग से सुधार होता है। वे सभी अपने बच्चों का दाखिला प्राइवेट स्कूलों में क्यों कराते हैं? क्या उन्हें अपने ही काम पर भरोसा नहीं है?’ बता दें कि सीजेपी के अभियान का लक्ष्य दो महीने में कम से कम 100 स्कूलों में व्यवस्था को सुधारना है।

शराबी प्रिंसिपल सस्पेंड

दीपके ने एक अन्य पोस्ट में बताया कि हिंगोली ज़िले के लिंबाला में एक स्कूल के प्रिंसिपल को सस्पेंड किए जाने को पहली बड़ी जीत बताया है। उन्होंने कहा, “हिंगोली ज़िले के लिंबाला गाँव वालों के लिए यह पहली बड़ी जीत है। शराबी प्रिंसिपल को सस्पेंड कर दिया गया है। मैं यह जीत अब्दुल और उनके पिता को समर्पित करना चाहता हूँ। जैसा कि अब्दुल ने कल कहा था- “अब रुकना नहीं है, स्कूल ठीक करके ही रहेंगे।”

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