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शोर से दूर, सुकूँ के करीब: मिलिए उन 8 शहरों से जहाँ सड़कें नहीं, गाड़ी नहीं, सिर्फ नाव से चलते है लोग

वर्तमान में जहाँ प्रत्येक शहर गाड़ियों के शोरगूल और ट्रैफिक जाम से परेशान है, वहीं दुनिया में कुछ जगह ऐसे भी हैं जो आज के दौर में भी पूरी तरह 'कार-मुक्त' हैं। इन शानदार जगहों पर सड़कों के स्थान पर पानी की गलियां हैं और आने—जाने के लिए लक्जरी कारों की जगह छोटी-बड़ी नावों का इस्तेमाल किया जाता है। तो आइए, जानते हैं दुनिया..

By हर्ष गौतम 
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अंतर्राष्ट्रीय। वर्तमान में जहाँ प्रत्येक शहर गाड़ियों के शोरगूल और ट्रैफिक जाम से परेशान है, वहीं दुनिया में कुछ जगह ऐसे भी हैं जो आज के दौर में भी पूरी तरह ‘कार-मुक्त’ हैं। इन शानदार जगहों पर सड़कों के स्थान पर पानी की गलियां हैं और आने—जाने के लिए लक्जरी कारों की जगह छोटी-बड़ी नावों का इस्तेमाल किया जाता है। तो आइए, जानते हैं दुनिया के उन आठ जगहों के बारे में जो अपनी इस अद्भूत जीवनशैली के लिए पुरे विश्व में मशहूर हैं:

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वेनिस (इटली): वेनिस शहर को नहरों की रानी भी कहा जाता हैं। यह दुनिया का सबसे मशहूर वाटर-सिटी है। यह शहर 118 द्वीपों पर बसा हुआ है जहां एक भी सड़क नहीं है। इस शहर की ‘ग्रैंड कैनाल’ सबसे बड़ी और मुख्य जलमार्ग यानि की नहर है, जो S आकार में लगभग 3.8 किलोमीटर मीटर लंबी है। यहां पर लोग वाटर टैक्सी और वहां के पारंपरिक नाव गोंडोला से सफर करते हैं।

गिएथूर्न (नीदरलैंड्स): इस शहर को नीदरलैंड का वेनिस और बिना सड़कों वाला गाँव भी कहा जाता है। यहाँ सड़कों के नाम पर सिर्फ छोटे—छोटे पैदल पुल हैं और यहाँ शोर मचाने वाले मशीन पर भी प्रतिबंधित लगा हुआ हैं। यहां के लोग केवल ‘व्हिस्पर बोट्स’ (शांत इलेक्ट्रिक नावें) चलाते हैं जिससे कि गांव की शांति भंग न हो।

बैंकॉक (थाईलैंड): बैंकॉक शहर तैरते हुए बाजार के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध् है। यहां का ‘दमनों सदुअक’ क्षेत्र अपने ‘फ्लोटिंग मार्केट्स’ के लिए विश्व विख्यात है। इस शहर में हर एक चीज यानी फल, सब्जी से लेकर कपड़े तक सब कुछ नावों पर बिकता है। इस शहर का एक बड़ा भाग आज के समय में भी नहरों के जाल से जुड़ा हुआ है।

सूज़ौ (चीन): सूज़ौ शहर को पूर्व का वेनिस के नाम से भी जाना जाता है। यह शहर चीन के जिआंगसु प्रांत में स्थित है जो अपने प्राचीन पत्थर के पुलों और नहरों के लिए विश्व विख्यात है। यहां के ऐतिहासिक मुहल्लों में सड़कों की जगह पानी के बने हुए रास्ते ही मुख्य आवागमन का जरिया हैं।

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एम्स्टर्डम (नीदरलैंड्स): एम्सटर्डम शहर जिसे नहरों का जाल कहा जाता है। यह शहर यूनेस्को की विश्व धरोहर में शामिल हैं और यहा की नहरें ही इस शहर की पहचान हैं। हालांकि यहाँ सड़कें तो हैं, लेकिन पर्यटन और स्थानीय परिवहन का एक बड़ा हिस्सा आज भी ‘कैनाल क्रूज’ और नावों पर निर्भर है।

ब्रूज (बेल्जियम): यह शहर जो कि बेल्जियम मे स्थित हैं अपनी पुरानी वास्तुकला और नहरों के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ का ‘स्वान लेक’ और नहरों के किनारे बसे घर इसे फिल्मी पर्दे जैसा अनोखा और खूबसूरत बनाते हैं।

गिली ट्रावांगन (इंडोनेशिया): यह प्रदूषण मुक्त द्वीप बाली के पास स्थित पूरी तरह से इको-फ्रेंडली है। यहाँ मोटर चालित वाहनों पर बहुत सख्त पाबंदी है। यहां के लोग एक किनारे से दूसरे किनारे और समुद्र के भीतर जाने के लिए वीभिन्न प्रकार के नावों का उपयोग करते हैं।

डांगर आइलैंड (ऑस्ट्रेलिया): इस आइलैंड शहर को शांति का टापू भी कहा जाता हैं क्युकि सिडनी की हॉक्सबरी नदी में स्थित यह द्वीप आधुनिक दुनिया से कटा हुआ प्रतीत होता है। यहां न तो कारें चलती हैं और न ही कहीं शोर होता है। यहां आने वाले पर्यटकों को केवल फेरी या निजी बोट का उपयोग करना पड़ता है। ये आठ जगहें पर्यावरण संरक्षण और शांत जीवन जीने का एक शानदार उदाहरण भी पेश करती हैं। साथ ही ये शहर पर्यटन के लिहाज से भी बेहतरीन हैं।

रिपोर्ट: सुशील कुमार साह

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