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एक मीडिया ग्रुप की कवर स्टोरी पर यूपी में छिड़ा महासंग्राम, लखनऊ से नोएडा तक सपा का हल्ला-बोल, अब अखिलेश यादव का पलटवार

यूपी राजधानी लखनऊ में बुधवार को देश के एक मीडिया ग्रुप में छपी कवर स्टोरी से प्रदेश का सियासी पारा अचानक चढ़ गया। इसके विरोध में समाजवादी पार्टी (सपा) छात्र सभा के कार्यकर्ताओं के हल्ला बोल कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। बता दें कि एक निजी पत्रिका में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (SP National President Akhilesh Yadav) और उनके परिवार पर की गई टिप्पणी से पार्टी कार्यकर्ता बुरी तरह नाराज़ थे।

By संतोष सिंह 
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लखनऊ। यूपी राजधानी लखनऊ में बुधवार को देश के एक मीडिया ग्रुप में छपी कवर स्टोरी से प्रदेश का सियासी पारा अचानक चढ़ गया। इसके विरोध में समाजवादी पार्टी (सपा) छात्र सभा के कार्यकर्ताओं के हल्ला बोल कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। बता दें कि एक निजी पत्रिका में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (SP National President Akhilesh Yadav) और उनके परिवार पर की गई टिप्पणी से पार्टी कार्यकर्ता बुरी तरह नाराज़ थे। यह पूरा विवाद देश के प्रसिद्ध मीडिया ग्रुप की एक कवर स्टोरी को लेकर शुरू हुआ है, जिसमें ‘गांधारी के श्राप’ का जिक्र कर सीधे तौर पर मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) के परिवार से जोड़ दिया गया है। इस आपत्तिजनक तुलना से आक्रोशित होकर, सैकड़ों की संख्या में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने लखनऊ के हजरतगंज चौराहे पर हल्ला बोल दिया और पत्रिका को जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया।

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पत्रिका ने यादव परिवार में सिर फुटव्वल का असर गांधारी श्राप को बताया ,पार्टी कार्यकर्ता हुए आहत

मीडिया ग्रुप अपनी कवर स्टोरी में महाभारत के एक प्रसंग का सहारा लिया है। स्टोरी के मुताबिक, गांधारी ने भगवान कृष्ण को श्राप दिया था कि यदुवंश आपसी लड़ाई के चलते नष्ट हो जाएगा और पत्रिका ने इसी श्राप का असर मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav)  के वंश में भी बताया। पत्रिका ने टिप्पणी की कि इसी श्राप के चलते यादव परिवार में आपस में जमकर सिर फुटव्वल है और परिवार की राजनीति का ग्राफ पतन की ओर है। इस तुलना ने समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं की भावनाओं को बुरी तरह आहत किया है और वे इसे पार्टी नेतृत्व का अपमान मान रहे हैं।

पत्रिका की इस स्टोरी के चलते सपा कार्यकर्ता केवल लखनऊ तक ही सीमित नहीं रहे, बल्कि विरोध प्रदर्शन की आग लखनऊ से लेकर नोएडा तक फैल गया है। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) छात्र सभा के कार्यकर्ताओं ने हजरतगंज चौराहे पर जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने पत्रिका को जलाकर अपना आक्रोश व्यक्त किया और मीडिया ग्रुप के खिलाफ नारे लगाए। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, पुलिस ने तुरंत हरकत में आते हुए सभी प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया और उन्हें इको गार्डन भेज दिया। विरोध प्रदर्शन की गंभीरता को देखते हुए, नोएडा की फिल्म सिटी, जहां मीडिया ग्रुप का दफ्तर स्थित है वहां भी बड़ी संख्या में यूपी पुलिस सुरक्षा के लिए तैनात कर दी गई है।

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अखिलेश यादव ने भी किया पलटवार

इस पूरे विवाद पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने पत्रिका की टिप्पणी के विरोध में दो ट्वीट किए हैं, हालाँकि उन ट्वीट में क्या कहा गया है, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है, लेकिन उनके विरोध प्रदर्शन को उनका समर्थन साफ़ दिखाई देता है। कार्यकर्ताओं का मानना है कि इस तरह की व्यक्तिगत टिप्पणियां और पौराणिक संदर्भों को राजनीतिक संदर्भों से जोड़ना पूरी तरह से गलत और दुर्भावनापूर्ण है। इस घटना ने एक बार फिर मीडिया की रिपोर्टिंग की सीमा और राजनीतिक परिवारों पर निजी टिप्पणी की नैतिकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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