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हाई-स्पीड रेल कॉरीडोर के साथ बिहार में शिप रिपेयर इकोसिस्टम किया जाएगा डेवलप, रेल कनेक्टिविटी और व्यापार को मिलेगा फायदा

संसद में रविवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026 का केंद्रीय बजट पेश किया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने भाषण में बिहार के लिए भी घोषणाएं कीं है। बजट में पटना में एक शिप रिपेयर इकोसिस्टम डेवलप करने की घोषणा की गई, जिससे इनलैंड वॉटरवेज मजबूत होंगे और लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी।

By Satish Singh 
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नई दिल्ली। संसद में रविवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Union Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने 2026 का केंद्रीय बजट पेश किया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने भाषण में बिहार के लिए भी घोषणाएं कीं है। बजट में पटना में एक शिप रिपेयर इकोसिस्टम (Ship Repair Ecosystem) डेवलप करने की घोषणा की गई, जिससे इनलैंड वॉटरवेज (inland waterways) मजबूत होंगे और लॉजिस्टिक्स (logistics) लागत कम होगी। वित्त मंत्री ने सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (High-speed rail corridor) की भी घोषणा कि है।

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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (High-speed rail corridor) की घोषणा की गई। एक हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर वाराणसी और सिलीगुड़ी (Varanasi and Siliguri) के बीच बनाया जाएगा। यह हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बिहार के लिए खास है, क्योकि यह कॉरिडोर बिहार से होकर गुजरेगा। इससे राज्य की रेल कनेक्टिविटी और व्यापार गतिविधियों (Rail connectivity and trade activities) को सीधा फायदा होगा। इसके साथ ही वित्त मंत्री ने घोषणा की कि इनलैंड वॉटरवेज को मजबूत करने के लिए वाराणसी और पटना में एक डेडिकेटेड शिप रिपेयर इकोसिस्टम डेवलप किया जाएगा। इससे जलमार्गों पर चलने वाले जहाजों और कार्गो वेसल्स के लिए लोकल रिपेयर, मेंटेनेंस और टेक्निकल सर्विस मिलेंगी। इससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और रोज़गार के नए अवसर पैदा होंगे।

वित्त मंत्री ने इनलैंड जल परिवहन (inland water transport) को पर्यावरण के अनुकूल और लागत प्रभावी विकल्प के रूप में बढ़ावा देने पर जोर दिया है। इससे गंगा के साथ-साथ गंडक, कोसी, घाघरा, सोन और पुनपुन नदियों के किनारे जलमार्गों को डेवलप करने में मदद मिलेगी। जलमार्गों के इस्तेमाल के लिए स्किल ट्रेनिंग प्रोग्राम भी शुरू किए जाएंगे, ताकि स्थानीय युवाओं को इस सेक्टर में रोजगार मिल सके।

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