अजय माकन ने आगे कहा, आम आदमी पार्टी, BJP की B टीम है। AAP के नेता देशद्रोही हैं और अब AAP को अपना नाम बदलकर अरबपतियों की पार्टी रख लेना चाहिए। जब 2017 में दिल्ली का राज्यसभा चुनाव हो रहा था, उस दौरान हमारे नेता सुशील गुप्ता जी ने मुझसे कहा कि मैं इस्तीफा देना चाहता हूं। उन्होंने कहा- AAP मुझे राज्यसभा सदस्य बना रही है। मेरी पूरी बात हो चुकी है, सारी सेटिंग हो चुकी है।
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता अजय माकन ने एआईसीसी कार्यालय में एक प्रेस कॉफ्रेंस का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने कहा, आज का मुद्दा बहुत महत्वपूर्ण है। हम सब जानते हैं- पंजाब देश का ऐसा सूबा है, जो कि हमारी सरहद की रक्षा करता है। पंजाब में पहले भी अलगाववादी ताकतों को बाहर से समर्थन दिया जाता था और अब एक बार फिर से अलगाववादी ताकतें सिर उठाना शुरू कर चुकी हैं। ये ताकतें देश को तोड़ना चाहती हैं। अब वहां गैंगवार हो रहे हैं। ड्रोन से ड्रग्स पहुंचाई जा रही है। हालात 80 के दशक जैसे हो गए हैं। इतिहास गवाह रहा है कि जब भी अलगाववादी ताकतें सामने आती हैं तो उससे पहले ड्रग्स आता है, गैंगवार होती हैं और अपराध बढ़ता है।
उन्होंने आगे कहा, पंजाब की अलगाववादी ताकतें कहती हैं कि उनके लोगों को सुना नहीं जाता, उन्हें न्याय नहीं मिलता। आज BJP ने ठीक वही किया है, जो अलगाववादी ताकतें सिद्ध करना चाहती हैं। 2022 के पंजाब चुनाव में BJP को 6.6% वोट मिले थे, मतलब 117 में से उनके सिर्फ 2 विधायक थे। हमारे संविधान में राज्यसभा को काउंसिल ऑफ स्टेट्स कहा जाता है, क्योंकि राज्यों से विधायक अपने प्रतिनिधि चुनकर राज्यसभा में भेजते हैं। मतलब जिस अनुपात में लोगों ने वोट दिया होता है, उसी अनुपात में राज्यसभा में सांसद पहुंचते हैं। ऐसे में जिस राज्य में BJP को 6.6% वोट मिले थे, अब उन्हें राज्यसभा में 85.7% प्रतिनिधित्व मिल गया है। यानी पंजाब के अंदर 7 में से 6 सांसद BJP के हैं। नरेंद्र मोदी और BJP के नेता ये बात पंजाब की जनता को कैसे समझाएंगे?
अजय माकन ने आगे कहा, आम आदमी पार्टी, BJP की B टीम है। AAP के नेता देशद्रोही हैं और अब AAP को अपना नाम बदलकर अरबपतियों की पार्टी रख लेना चाहिए। जब 2017 में दिल्ली का राज्यसभा चुनाव हो रहा था, उस दौरान हमारे नेता सुशील गुप्ता जी ने मुझसे कहा कि मैं इस्तीफा देना चाहता हूं। उन्होंने कहा- AAP मुझे राज्यसभा सदस्य बना रही है। मेरी पूरी बात हो चुकी है, सारी सेटिंग हो चुकी है। इस पर मैंने कहा- वहां पहले से ही राज्यसभा के कई उम्मीदवार हैं, आपको कैसे बनाएंगे? लेकिन सुशील गुप्ता जी नहीं माने, उन्होंने AAP जॉइन कर ली और आखिर में AAP ने सुशील गुप्ता को राज्यसभा भेज दिया।
इसलिए मैं यही कहना चाहता हूं कि AAP ऐसी पार्टी है, जिसने योग्य लोगों को राज्यसभा न भेजकर धनकुबेरों को धन के आधार पर संसद में भेजा है। इसी कड़ी में, जब मैं आज प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए आ रहा था तो मैंने AAP के 7 सांसदों के एफिडेविट निकाले, जो अब BJP में जा चुके हैं। मैंने उनके एफिडेविट देखे तो पता चला कि प्रति राज्यसभा सांसदों की औसतन नेटवर्थ 818 करोड़ 50 लाख 35 हजार 420 रुपए है। सवाल है- ये कहां से आम आदमी पार्टी है? असल में ये अरबपतियों की पार्टी है।
मैं बहुत खुशनसीब हूं कि मुझे डॉ. मनमोहन सिंह जी और शीला दीक्षित जी जैसे बेहतरीन एडमिनिस्ट्रेटर के साथ काम करने का मौका मिला है। हमने 21वीं सदी में ऐसा एडमिनिस्ट्रेटर नहीं देखा है, लेकिन फिर भी AAP और अरविंद केजरीवाल ने उन्हें बदनाम करने का कोई मौका नहीं छोड़ा, उन्हें बदनाम करने की साजिश की। जब BJP, मनमोहन सिंह जी और शीला दीक्षित जी के खिलाफ कुछ नहीं कर पा रही थी, तो उसने AAP के रूप में एक Proxy को आगे किया। अब AAP वहीं चुनाव लड़ती है, जहां कांग्रेस और BJP का सीधा मुकाबला होता है, जिससे कांग्रेस को नुकसान पहुंचाया जा सके। AAP और अरविंद केजरीवाल के चेहरे से ये मुखौटा पूरी तरह उतर गया है।