पसीना आना शरीर की एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन जब यह जरूरत से ज्यादा और बिना किसी वजह के होने लगे, तो इसे हाइपरहाइड्रोसिस कहा जाता है।
Sweating in the summer : पसीना आना शरीर की एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन जब यह जरूरत से ज्यादा और बिना किसी वजह के होने लगे, तो इसे हाइपरहाइड्रोसिस कहा जाता है। यह समस्या सिर्फ शारीरिक ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और रोजमर्रा की जिंदगी को भी प्रभावित कर सकती है।
कैसे पहचानें
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, अगर बिना गर्मी या मेहनत के हाथ-पैर, बगल या चेहरे से लगातार पसीना आता है, कपड़ों पर दाग पड़ते हैं, या रात में भी पसीना आता है— तो यह सामान्य नहीं है।
यह दो तरह का होता है —
Primary: जो ज्यादातर अनुवांशिक होता है
Secondary: जो किसी बीमारी, हार्मोनल बदलाव, तनाव, मोटापा या दवाओं की वजह से होता है
इलाज
हल्के मामलों में lifestyle changes जैसे साफ-सफाई, हल्के कपड़े और सही डाइट काफी मदद करते हैं।
एंटीपर्सपिरेंट,दवाइयां,बोटॉक्स,आयनोफोरेसिस ,और जरूरत पड़ने पर सर्जरी
घरेलू उपाय भी मदद कर सकते हैं, जैसे एलोवेरा, नारियल तेल या नींबू—but ये सिर्फ mild cases में ही असरदार होते हैं।
कब जाएं डॉक्टर के पास
अगर पसीना लगातार आ रहा है, रात में भी आता है, या इसके साथ कमजोरी, वजन कम होना जैसे लक्षण दिख रहे हैं— तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
ज्यादा पसीना आना छोटी समस्या लग सकती है, लेकिन इसे नजरअंदाज करना सही नहीं है। सही समय पर ध्यान और इलाज से इसे आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है और आप एक आरामदायक जीवन जी सकते हैं।