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अखिलेश यादव ने IAS अभिषेक प्रकाश का निलंबन बताया योगी सरकार का नाटक, बोले- इस भ्रष्टाचार के पीछे असल में कोई और…

यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार (Yogi Adityanath Government) ने सोलर उद्योग लगाने के लिए रिश्वत मांगने के आरोप में बड़ी ऐक्शन लिया है। भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए आईएएस अभिषेक प्रकाश (IAS Abhishek Prakash) को सस्पेंड कर दिया है।

By santosh singh 
Updated Date

लखनऊ। यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार (Yogi Adityanath Government) ने सोलर उद्योग लगाने के लिए रिश्वत मांगने के आरोप में बड़ी ऐक्शन लिया है। भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए आईएएस अभिषेक प्रकाश (IAS Abhishek Prakash) को सस्पेंड कर दिया है। जिस पर अब समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने निशाना साधते हुए इस कार्रवाई को नाटक बताया और कहा कि इसके पीछे असल में कोई और है। इस बात खुल जाने की वजह से ये नाटक किया जा रहा है।

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अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav)  ने आईएएस अभिषेक प्रकाश (IAS Abhishek Prakash)  के निलंबन की कार्रवाई को लेकर योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘ये है उप्र में इज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस का सच, जहाँ औद्योगिक विकास के नाम पर खुलेआम कमीशन मांगा जा रहा है और बात खुल जाने पर निलंबन का नाटक रचा जा रहा है। इस भ्रष्टाचार का अंतिम पड़ाव अधिकारी नहीं कोई और है।

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जानें- क्या है मामला?

बताते चलें कि सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath)ने गुरुवार को सोलर उद्योग लगाने के लिए रिश्वत मांगने के आरोप में इन्वेस्ट यूपी के सीईओ अभिषेक कुमार को सस्पेंड कर दिया है। उनके खिलाफ सेल सोलर पी6 प्राइवेट लिमिटेड के विश्वजीत दत्ता (Vishwajit Dutta) ने भ्रष्टाचार की शिकायत की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी कंपनी ने यूपी में सौर ऊर्जा के कलपुर्जे बनाने का संयंत्र लगाने के लिए आवेदन दिया था।

विश्वजीत ने कहा कि उनके आवेदन को पहले स्वीकृति दे दी गई थी, लेकिन 5 फीसदी कमीशन नहीं देने के कारण कमेटी की संस्तुति के बावजूद पत्रावली में प्रकरण टाल दिया गया और कहा गया कि कमीशन देने के बाद ही काम होगा। जिसके बाद विश्वजीत ने इसे लेकर सीएम योगी से शिकायत की थी। जांच में अभिषेक प्रकाश पर लगे आरोप सही पाए गए, जिसके बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि ये कार्रवाई सिर्फ दिखावे के लिए की जा रही है जबकि इस भ्रष्टाचार के पीछे असली चेहरा कोई और है।

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