समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने कहा कि यूपी में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) एक ज़मीन माफ़िया की तरह काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जहां भी कोई योजना प्रस्तावित होती है, BJP के सदस्य मिलकर सबसे पहले उस ज़मीन पर कब्ज़ा कर लेते हैं। लखनऊ के आस-पास शुरू की गई सभी योजनाओं के संबंध में है।
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने कहा कि यूपी में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) एक ज़मीन माफ़िया की तरह काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जहां भी कोई योजना प्रस्तावित होती है, BJP के सदस्य मिलकर सबसे पहले उस ज़मीन पर कब्ज़ा कर लेते हैं। लखनऊ के आस-पास शुरू की गई सभी योजनाओं के संबंध में है। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि आप उन ज़मीन माफ़ियाओं के ख़िलाफ़ कुछ जानकारी जुटाएंगे और किसी माध्यम से उसे जनता के सामने लाएंगे। अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने कहा कि लखनऊ के सात तालाबों पर कब्ज़ा कर लिया गया है।
अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने आरोप लगाया कि सरकार में अलोकतांत्रिक लोग हैं। सपा कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय किया जा रहा है। बीजेपी को किसी से भी कोई लेना देना नहीं है। सपा को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि ये संविधान को बचाने की लड़ाई है। अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजेपी और सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कई बड़े मुद्दे उठाए हैं।
उन्होंने बीजेपी से सवाल किया कि क्या गुंडे सिर्फ पश्चिम बंगाल में ही हैं, क्या उत्तर प्रदेश में कम गुंडे हैं जो सत्ता की सीटों पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि यूपी के गुंडों को भी उल्टा लटकाकर सीधा किया जाना चाहिए। अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने पश्चिम बंगाल को लेकर कहा कि वहां ममता बनर्जी की ऐतिहासिक जीत होगी। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था पर भी तंज कसते हुए कहा कि जहां बंगाल में 3 लाख फोर्स लगाई गई, वहीं यूपी में 6 लाख फोर्स लगाने की बात हो रही है, जो सपा के सामने एक बड़ी चुनौती है। इसके बावजूद उन्होंने भरोसा जताया कि यूपी की जनता इसका जवाब देगी। उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में अगर कोई गलत करेगा तो उसे सख्त सजा मिलेगी।
सपा मुखिया अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने असम के CM हिमंता बिसवा सरमा (Assam CM Himanta Biswa Sarma) व सीईसी ज्ञानेश कुमार (CEC Gyanesh Kumar) को भारत रत्न देने के बयान पर कहा कि इन दोनों को नोबेल पुरस्कार मिलना चाहिए। BJP के मन में वोट का खोट है, इसलिए आरक्षण ला रहे है। अब तो वेज और नॉनवेज मछली भी आ रही है। BJP का कहना है कि सनातनी लोग मछली खा सकते है।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर बोलते हुए अखिलेश ने गंगा एक्सप्रेसवे का जिक्र करते हुए कहा कि सपा भी इसी तरह के एक्सप्रेसवे बनाएगी। वहीं कानून-व्यवस्था और सामाजिक मुद्दों पर सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज के साथ पहली बार घटनाएं नहीं हो रही हैं। उन्होंने कानपुर की झोपड़ी में आग लगाने और अन्य घटनाओं का जिक्र करते हुए पूछा कि डिप्टी सीएम ने क्या न्याय दिलाया।
शंकराचार्य लखनऊ आए तो डिप्टी सीएम शहर छोड़कर चले गए
उन्होंने पहलगाम और पुलवामा के शहीदों के सम्मान का मुद्दा उठाया और शंकराचार्य के साथ हुए व्यवहार पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि जब शंकराचार्य लखनऊ आए तो डिप्टी सीएम शहर छोड़कर चले गए। स्वास्थ्य व्यवस्था पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी अस्पताल में सही इलाज नहीं मिल रहा, यहां तक कि ऑपरेशन थिएटर से मरीज अपनी जान बचाकर भाग रहे हैं।
Ghazipur की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस पर सपा बैठक कर चर्चा करेगी और जो वीडियो सामने आ रहे हैं, वे पहली बार नहीं हैं। उन्होंने Hathras कांड का जिक्र करते हुए कहा कि वहां भी पीड़िता को न्याय नहीं मिला और परिवार की अंतिम इच्छा तक पूरी नहीं की गई।
लखनऊ और अन्य जिलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हरदोई, मेरठ समेत कई जगहों पर लोगों की जान गई है और कई मामलों में न्याय नहीं मिला। उन्होंने मीडिया पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कुछ चैनलों को पिछले 10 वर्षों में 500 करोड़ रुपये तक मिले होंगे। उन्होंने ग्रीन कॉरिडोर परियोजना और उसकी डिजाइनिंग पर भी सवाल उठाए। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि सरकार एनकाउंटर की तैयारी कर रही है और यहां तक कि पीडीए के अधिकारी भी दबे स्वर में पीडीए की बात कर रहे हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में अखिलेश यादव ने पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका समाज के प्रति योगदान हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अजीज कुरैशी ने गंगा-जमुनी तहजीब को बढ़ावा दिया और समाज को जोड़ने का काम किया। उन्होंने अपने फैसलों में कभी पद की चिंता नहीं की और मौलाना जौहर यूनिवर्सिटी के प्रस्ताव को पास करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। अखिलेश ने कहा कि उन्होंने कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया।