उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) ने ‘भारत रत्न’ बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती के अवसर पर मंगलवार को लखनऊ स्थित अपने कैम्प कार्यालय, 7-कालिदास मार्ग पर उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य ने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर (Babasaheb Dr. Bhimrao Ambedkar) का संपूर्ण जीवन ही एक सशक्त संदेश है।
लखनऊ : उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) ने ‘भारत रत्न’ बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती के अवसर पर मंगलवार को लखनऊ स्थित अपने कैम्प कार्यालय, 7-कालिदास मार्ग पर उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य ने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर (Babasaheb Dr. Bhimrao Ambedkar) का संपूर्ण जीवन ही एक सशक्त संदेश है। उन्होंने अपने संघर्ष, शिक्षा और संकल्प के बल पर समाज के वंचित, शोषित और कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए जो कार्य किए, वे सदैव प्रेरणास्रोत रहेंगे। उन्होंने कहा कि बाबा साहब के आदर्श और उनका जीवन दर्शन आज भी पूरी तरह प्रासंगिक हैं, जिन्हें अपनाकर समाज में समता और न्याय की स्थापना की जा सकती है।
श्री मौर्य ने कहा कि सामाजिक न्याय के अग्रदूत एवं भारतीय संविधान के शिल्पी बाबा साहब डॉ. आंबेडकर (Babasaheb Dr. Ambedkar) ने शिक्षा को परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम बनाते हुए वंचितों, श्रमिकों और किसानों को अधिकार दिलाने का ऐतिहासिक कार्य किया। उनके द्वारा स्थापित समता, न्याय और मानव गरिमा के सिद्धांत आज भी राष्ट्र निर्माण की मजबूत आधारशिला हैं। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र एवं उत्तर प्रदेश सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूल मंत्र के साथ बाबा साहब के सपनों को साकार करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। ‘पंचतीर्थ’ जैसे प्रेरक प्रयासों तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंच रहा है।
उन्होंने कहा कि बाबा साहब का संघर्षमय जीवन हमें कर्तव्यनिष्ठा, समर्पण और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता है। हमें न केवल उनके विचारों से प्रेरणा लेनी चाहिए, बल्कि उन्हें अपने जीवन में आत्मसात करते हुए एक समतामूलक और सशक्त भारत के निर्माण में योगदान देना चाहिए।