1. हिन्दी समाचार
  2. एस्ट्रोलोजी
  3. Bada Mangal 2024 :   4 जून को धूम धाम से मनाया जाएगा दूसरा बड़ा मंगल, हनुमान जी को मालपुआ का भेग बहुत प्रिय है

Bada Mangal 2024 :   4 जून को धूम धाम से मनाया जाएगा दूसरा बड़ा मंगल, हनुमान जी को मालपुआ का भेग बहुत प्रिय है

ज्येष्ठ माह में पड़ने वाले सभी मंगलवार को बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल कहा जाता है। कल यानी 4 जून को दूसरा बड़ा मंगल मनाया जाएगा है। मान्यता है कि ज्येष्ठ माह में भगवान श्रीराम से हनुमाह जी की मुलाकात हुई थी इसलिए इस माह के मंगलवार को हनुमान जी (Lord Hanuman)की पूजा का विशेष महत्व है।

By अनूप कुमार 
Updated Date

Bada Mangal 2024 : ज्येष्ठ माह में पड़ने वाले सभी मंगलवार को बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल कहा जाता है। कल यानी 4 जून को दूसरा बड़ा मंगल मनाया जाएगा है। मान्यता है कि ज्येष्ठ माह में भगवान श्रीराम से हनुमाह जी की मुलाकात हुई थी इसलिए इस माह के मंगलवार को हनुमान जी (Lord Hanuman)की पूजा का विशेष महत्व है। बड़ा मंगल के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करना भी विशेष् फलदायी माना जाता है।

पढ़ें :- नाग पंचमी के दिन गुड़िया को क्यों पीटा जाता है? जानिए इसके पीछे की पौराणिक और लोक मान्यताएं

हनुमान चालीसा पाठ के लाभ
हनुमान चालीसा का पाठ करने से व्यक्ति के सभी भय और संकट दूर हो जाते हैं। रोजाना हनुमान चालीसा का पाठ करने से बजरंगबली की विशेष कृपा प्राप्त होती है। मान्यताओं के मुताबिक, हनुमान चालीसा का पाठ करने से घर से सारी नकारात्मक शक्तियां दूर हो जाती हैं। साथ ही उसे रोग मुक्त जीवन की प्राप्ति होती है।

हनुमान चालीसा का पाठ करते समय इन नियमों का करें पालन

साफ-सफाई
हनुमान चालीसा को सिद्ध करने के लिए शुद्धता और निर्मल मन का विशेष ध्यान रखना चाहिए और पाठ से पहले पूजा स्थल की अच्छे से साफ-सफाई करनी चाहिए।

लाल रंग के फूल
हनुमान चालीसा पाठ के दौरान लाल रंग के फूल का इस्तेमाल करना चाहिए।

पढ़ें :- भारत का ये है बेहद अनोखा और रहस्यमयी देवी मंदिर, जहां पुरुष साड़ी पहनकर और 16 श्रृंगार धारणकर देवी मां से मांगते हैं मन्नत

शुद्ध घी का दीपक
पूजा नियम के अनुसार, हनुमान चालीसा से पहले दीपक प्रज्वलित करना चाहिए और हनुमान जी की उपासना के दौरान चमेली के तेल का दीपक या शुद्ध घी का दीपक जलाना चाहिए।

मालपुआ या मलाई मिश्री का भोग
हनुमान चालीसा के पाठ के बाद बजरंगबली को गुड़ और चने का प्रसाद भोग के रूप में अर्पित करना चाहिए। इसके साथ हनुमान जी को बूंदी या बेसन के लड्डू, मालपुआ या मलाई मिश्री का भोग भी बहुत प्रिय है।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...