1. हिन्दी समाचार
  2. दुनिया
  3. बच्‍चे का डायपर बदलने का सीखें ढंग,  ट्रेनिंग दे रही है कोलबिंया सरकार

बच्‍चे का डायपर बदलने का सीखें ढंग,  ट्रेनिंग दे रही है कोलबिंया सरकार

Gender Equality: दुनिया का हर देश घरेलू हिंसा की समस्या से जूझ रहा है। महिलाओं के साथ होने वाली हिंसा को रोकने के लिए कई देशों ने बहुत सारे नियम बनाए हैं, लेकिन दक्षिण अमेरिकी देश कोलबिंया ने घरेलू हिंसा से निपटने के लिए एक अनोखा तरीका खोजा है। जिसकी चर्चा हो रही है।

By santosh singh 
Updated Date

Gender Equality: दुनिया का हर देश घरेलू हिंसा की समस्या से जूझ रहा है। महिलाओं के साथ होने वाली हिंसा को रोकने के लिए कई देशों ने बहुत सारे नियम बनाए हैं, लेकिन दक्षिण अमेरिकी देश कोलबिंया ने घरेलू हिंसा से निपटने के लिए एक अनोखा तरीका खोजा है। जिसकी चर्चा हो रही है।

पढ़ें :- प्रधान मंत्री जी भीगी बिल्ली बनके नहीं बैठते ट्रम्प के सामने, जॉर्जिया मेलोनी के पलटवार बाद केजरीवाल ने मोदी को घेरा

पुरुषों के लिए खोला स्कूल

राजधानी बोगोटा में पुरुषों को बेहतर बनाने की ट्रेनिंग दी जा रही है। इसके लिए सरकार ने स्कूल खोले हैं। जहां पर पुरुषों को घर में पत्नी के साथ कैसे रहना है, बच्चों के डायपर कैसे बदलने हैं, पत्नी की चोटी कैसे करनी है। छोटे बच्चों को कैसे पालना है, अपनी भावनाओं को काबू कैसे करना है। यह सब सीखाया जा रहा है।

अच्छा पति और अच्छा बेटा बनने पर जोर

पुरुष को घर के काम करने में मन नहीं लगता, नतीजा घर में खटपट होती रहती है, इसलिए इस स्कूल में समझाया जाता है कि घर का काम कैसे किया जाए। पुरुषों को सबसे अधिक इस बात पर जोर दिया जाता है कि वह अच्छा पति और अच्छा बेटा कैसे बनें, जिससे घर में हालात अच्छे बने रहें।

पढ़ें :- ईरान ने फिर बंद किया स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, जहाजों को दी चेतावनी

स्कूल से मिली मदद, पुरुष बनाने लगे खाने

सीएनएन की ‌एक रिपोर्ट के मुताबिक, राजधानी में जबसे केयर स्कूल फॉर मेन ट्रेनिंग शुरू हुई है, वहां के लोगों को बहुत फायदा मिला है। एक व्यकित ने बताया कि स्कूल जाने के बाद हमने कई सत्र में भाग लिया। जिसके बाद अब मैं नियमित रूप से अपने परिवार के लिए रात का खाना बनाता हूं. मैं कितना भी थका रहूं लेकिन घर जाकर तले हुए चावल, सॉसेज और अंडे बनाने लगा हूं। अब मैं अपने बच्चे के साथ समय निकाल रहा हूं। अब मैं एक बेहतर पिता बनने की कोशिश कर रहा हूं।

स्कूल की टीचर का क्या कहती हैं?

केयर स्कूल फॉर मेन की टीचर क्रिस्टीना सोलर कहती हैं, “वे असभ्य और आक्रामक हो सकते हैं। पुरुषवाद को हमें बदलना है,लेकिन हम उन्हें यह नहीं बता सकते कि क्या करना है । हमें उनके अनुभवों को सुनना होगा. यह आसान नहीं है, लेकिन हम उन्हें सीखा रहे हैं, कुछ लोग सीख भी रहे हैं।

कोलबिंया में घरेलू‌ हिंसा बहुत है

पढ़ें :- ट्रंप के 'शर्मनाक कमेंट' पर फूटा मेलोनी का गुस्सा, बोलीं-झूठ की भी हद होती है, इटली कभी किसी के आगे झुकता नहीं

2019 में यूरोपीय संघ ने कोलंबिया में 7,000 से अधिक लोगों का एक सर्वे किया था जिसमें यह पाया गया था कि 70% लोगों के अंदर महिला को लेकर मतभेद था। वह उन्हें बराबरी का दर्जा दे ही नहीं रहे थे। कोलंबिया के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल मेडिसिन एंड फोरेंसिक साइंसेज के अनुसार, साल 2022 में कोलंबिया में घरेलू हिंसा के 47,771 मामले दर्ज किए गए, जो हर 11 मिनट में लगभग एक के बराबर है।

जानें क्या है कोर्स

मुख्य स्कूल में 24 मॉड्यूल से बना एक पूरा पाठ्यक्रम है जिसे पूरा करने में कुछ महीने लगते हैं। वे घरेलू देखभाल को कवर करते हैं, जैसे कपड़े धोना और मरम्मत करना. नवजात शिशुओं, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों की देखभाल, भावनात्मक देखभाल और अपने गुस्सा को कम करने जैसे पाठ्यक्रम हैं. पाठ्यक्रम में क्या होना चाहिए इसके लिए कई नारीवादी विशेषज्ञों की हेल्प ली गई है।

अब तक 400,000 से अधिक लोग उठा चुके हैं लाभ

फरवरी 2024 तक अब तक इस कोर्स से ऑनलाइन, ऑफलाइन लगभग 400,000 लोग लाभ उठा चुके हैं। जिनमें से 9,800 से अधिक पुरुषों को व्यक्तिगत सत्रों से लाभ हुआ है। केयर स्कूल के नेता कोर्टेस के अनुसार, महिलाओं का भी इसमें शामिल होने के लिए स्वागत है, जिन्हें सांस्कृतिक परिवर्तन में “आवश्यक सहयोगी” माना जाता है। उन्होंने कहा कि”उनकी उपस्थिति और भागीदारी न केवल प्रक्रिया में दृष्टिकोण और अनुभवों की विविधता को बढ़ाती है, बल्कि लिंगों के बीच एकजुटता और सहयोग को भी बढ़ावा देती है।

पढ़ें :- नेपाली चाय पर भारत की डिजिटल और लैब स्ट्राइक, 83 फैक्ट्रियां ठप, करीब 60 हजार मजदूरों की रोजी-रोटी का संकट
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...