1. हिन्दी समाचार
  2. क्षेत्रीय
  3. बिहार में हमारी सरकार बनते ही जातिगत जनगणना कराई जाएगी, हम इसके लिए हैं पूरी तरह से प्रतिबद्ध : जिगनेश मेवानी

बिहार में हमारी सरकार बनते ही जातिगत जनगणना कराई जाएगी, हम इसके लिए हैं पूरी तरह से प्रतिबद्ध : जिगनेश मेवानी

जिगनेश मेवानी ने कहा कि, बिहार में कांग्रेस की ‘पलायन रोको, नौकरी दो’ यात्रा को जिस प्रकार समर्थन मिला, इससे गुजरात का युवा भी उत्साहित है। यदि भारत में जाति व्यवस्था नहीं होती, समाज जातियों में बंटा नहीं होता तो शायद जातिगत जनगणना की बात नहीं होती।

By शिव मौर्या 
Updated Date

नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी बढ़ती जा रही है। कांग्रेस ने ‘पलायन रोको, नौकरी दो’ यात्रा निकाली, जिसमें राहुल गांधी समेत कई अन्य नेता शामिल हुए। इसको लेकर आज पटना में कांग्रेस के नेताओं ने प्रेस कॉफ्रेंस की। इस दौरन कांग्रेस नेता जिगनेश मेवानी ने कहा कि, जातिगत जनगणना के बगैर हम नहीं पता कर सकते हैं कि किसकी-कितनी भागीदारी है, इसीलिए बिहार में हमारी सरकार बनते ही जातिगत जनगणना कराई जाएगी और हम इसके लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।

पढ़ें :- अखिलेश यादव जी, लखनऊ में हुई दु:खद घटना पर कृपया राजनीति न करें...लखनऊ अग्निकांड की घटना पर बोले ब्रजेश पाठक

जिगनेश मेवानी ने कहा कि, बिहार में कांग्रेस की ‘पलायन रोको, नौकरी दो’ यात्रा को जिस प्रकार समर्थन मिला, इससे गुजरात का युवा भी उत्साहित है। यदि भारत में जाति व्यवस्था नहीं होती, समाज जातियों में बंटा नहीं होता तो शायद जातिगत जनगणना की बात नहीं होती।

उन्होंने आगे कहा, संविधान सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने की बात कहता है, इसीलिए हमारे अध्यक्ष खरगे जी, राहुल गांधी जी डंके की चोट पर कहते हैं कि देश में जातिगत जनगणना होनी चाहिए। जातिगत जनगणना के बगैर हम नहीं पता कर सकते हैं कि किसकी-कितनी भागीदारी है, इसीलिए बिहार में हमारी सरकार बनते ही जातिगत जनगणना कराई जाएगी और हम इसके लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।

वहीं, इस दौर बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अलावरू ने कहा कि, देश में राज्यों के विकास के पैमाने को देखेंगे तो बहुत सारे महत्वपूर्ण पैमानों पर बिहार सबसे निचले स्तर पर है। नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार ने ताकत लगाकर बिहार के लोगों को गरीबी की तरफ धकेलना का काम किया है।

जब हमारी सरकार थी तो हमने गरीबों के लिए योजना बनाई। इसमें 6,000 रुपए से कम की आमदनी वाले व्यक्ति को छोटे, लघु उद्योग शुरू करने के लिए सरकार से 2 लाख रुपए की सब्सिडी मिलती थी। इस स्कीम से बिहार के लगभग 94 लाख परिवारों को मदद मिली, लेकिन पलटी मारते ही नीतीश कुमार इस योजना के बारे में भूल गए। किसी भी सरकार का काम गरीब लोगों को ऊपर उठाना होता है, लेकिन बिहार की सरकार सिर्फ गरीबों को और नीचे ढकेलने में लगी है।

पढ़ें :- लखनऊ अग्निकांड: अखिलेश यादव बोले-मृतकों के परिजनों को एक करोड़ मिले मुआवजा, बड़े अधिकारियों को बचाने का लगाया आरोप

 

 

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...