अयोध्या। जिस पावन धरा की मिट्टी में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीरामचंद्र ने जन्म लिया, उस अयोध्या की मिट्टी के दर्शन करने निरंतर श्रद्धालु आ रहे हैं और 22 जनवरी के बाद असंख्य श्रद्धालु यहां आएंगे भी। जिस माटी (रामनगरी) पर 500 वर्षों के इंतजार के बाद रामलला का भव्य मंदिर बन
