संजय तिवारी सनातन संस्कृति में केवल श्रुति ही सर्वोच्च है। यहां किसी शीर्ष आचार्य या किसी एक पुस्तक की नही चलती। यह विश्व के कल्याण और प्राणियों में सद्भावना का मार्ग है। भगवान आदि शंकर हमारे ऐसे आचार्य हैं जिन्होंने तत्कालीन परिस्थितियों में समाज की एकता और अखंडता के लिए
