मुख्यमंत्री ने कहा कि, इस बार बाढ़, पहली बार जुलाई के प्रथम सप्ताह में देखने को मिल गई। स्वाभाविक रूप से इससे न तैयारियां प्रभावित हुईं बल्कि जो लोग नदी के किनारे रहते हैं उनके सामने तमाम संकट खड़े हो गए। लेकिन, विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य न खोकर कार्य हो रहे।
श्रावस्ती। उत्तर प्रदेश के कई हिस्से इन दिनों बाढ़ से प्रभावित हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दौरा कर रहे हैं। गुरुवार को मुख्यमंत्री बाढ़ प्रभावित जिला श्रावस्ती और बलरामपुर का दौरा करने के लिए पहुंचे, जहां उन्होंने बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की। उन्होंने राहत शिविर का जायजा लिया और पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित की। इसके साथ ही श्रावस्ती में बाढ़ से काल-कवलित हुए लोगों के शोकाकुल परिजनों से आज भेंट कर उन्हें ढांढस बंधाया और सहायता राशि के चेक भी वितरित किए। साथ ही, बाढ़ प्रभावितों की सहायता के लिए निरंतर क्रियाशील आपदा मित्रों को सम्मानित भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि, इस बार बाढ़, पहली बार जुलाई के प्रथम सप्ताह में देखने को मिल गई। स्वाभाविक रूप से इससे न तैयारियां प्रभावित हुईं बल्कि जो लोग नदी के किनारे रहते हैं उनके सामने तमाम संकट खड़े हो गए। लेकिन, विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य न खोकर कार्य हो रहे।
जनपद श्रावस्ती में बाढ़ से काल-कवलित हुए लोगों के शोकाकुल परिजनों से आज भेंट कर उन्हें ढांढस बंधाया और सहायता राशि के चेक भी वितरित किए।
साथ ही, बाढ़ प्रभावितों की सहायता के लिए निरंतर क्रियाशील आपदा मित्रों को सम्मानित भी किया।
सभी प्रभावित परिवारों के साथ आपकी सरकार पूरी… pic.twitter.com/UXbMknQS0Y
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— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) July 11, 2024
उन्होंने आगे कहा कि, आपदा के कारण अगर कहीं कोई जनहानि होती है तो उस परिवार को तत्काल ₹4 लाख की सहायता प्राप्त हो जाए। मानव वन्यजीव संघर्ष में अगर कहीं जनहानि होती है तो वहां भी ₹4 लाख की सहायता दी जाए। पूरे प्रदेश में 923 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। बाढ़ पीड़ितों को रखने के लिए 1,033 शरणालय बनाए गए हैं।
साथ ही कहा, इस बार औसत से अधिक बरसात होने की संभावना है…इसके लिए हमारी तैयारी होनी चाहिए। जहां शरणालय बनाए गए हैं वहां दोनों टाइम के भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, प्रभावित परिवारों को हर 15 दिन में राहत सामग्री पहुंचाई जाए।