बिहार को अपना 24वां मुख्यमंत्री मिल गया है। इसके साथ ही बिहार में भाजपा का कोई मुख्यमंत्री बना है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के शपथ ग्रहण समारोह के बाद ही विवाद शुरू हो गया। यह विवाद बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार को लेकर छिड़ा है।
नई दिल्ली। बिहार को अपना 24वां मुख्यमंत्री मिल गया है। इसके साथ ही बिहार में भाजपा का कोई मुख्यमंत्री बना है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के शपथ ग्रहण समारोह के बाद ही विवाद शुरू हो गया। यह विवाद बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार को लेकर छिड़ा है। विवाद शुरू होते ही लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहणी आचार्य ने गठबंधन को लेकर तंज कसा है। उन्होने कहा कि गिरगिट की तरह रंग बदलने वाली जमात को चाचा जी की छाया और तस्वीर से भी ऐतराज़ हो गया है।
घोर बेईज्जती..
चौबीस घंटे भी नहीं हुए और चाचा जी पोस्टर – विज्ञापन से भी गायब कर दिए गए .. इस्तीफे के पहले तक , चाचा जी के बिदकने की आशंका में , चाचा जी को ये कह कर ताड़ ( तार ) पर चढ़ाया जा रहा था कि " बिहार चाचा जी के हिसाब से , उनकी ही छत्रछाया में चलाया जाएगा ", मगर… pic.twitter.com/vGM8308oD5
— Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) April 15, 2026
लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने भाजपा और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दोनों पर निशाना साधा है। रोहिणी ने सोशल मीडिया के एक्स प्लेटफार्म पर एक पोस्ट करते हुए कहा कि चौबीस घंटे भी नहीं हुए और चाचा जी पोस्टर और विज्ञापन से भी गायब कर दिए गए है। इस्तीफे के पहले तक चाचा जी के बिदकने की आशंका में चाचा जी को ये कह कर ताड़ (तार) पर चढ़ाया जा रहा था कि बिहार चाचा जी के हिसाब से और उनकी ही छत्रछाया में चलाया जाएगा। मगर इस्तीफ़ा होते ही गिरगिट की तरह रंग बदलने वाली जमात को चाचा जी की छाया और तस्वीर से भी ऐतराज़ हो गया। चाचा जी आज जिस कैच २२ सिचुएशन में फंसे हैं। ऐसी सिचुएशन के लिए ही कहा गया है, दुविधा में दोनों गए, माया मिली न राम। बता दे रोहणी आचार्य का यह बयान तब सामने आया है। जब बुधवार को शपथ ग्रहण समारोह से ठीक पहले बिहार के अखबारों में एक विज्ञापन छपा था, जिसमे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और भाजपा के बिहार के प्रदेश अध्यक्ष की फोटो छपी थी। लेकिन इस विज्ञापन से बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गायब थे। यहीं नहीं इन विज्ञापनों में जनता दल युनाईटेड के किसी भी नेता की फोटो नहीं छपी थी, जबकि बिहार में भाजपा ने जेडीयू के साथ मिलकर ही सरकार बनाई है।