धनतेरस से दीपोत्सव की शुरुआत हो जाती है। इस दिन सुख-समृद्धि के लिए पूजा तो हम सब करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि धनतेरस की पूजा में पंचामृत और गंगाजल का होना क्यों सबसे जरूरी माना गया है? आइए जानते हैं!
Dhanteras 2026 : धनतेरस से दीपोत्सव की शुरुआत हो जाती है। इस दिन सुख-समृद्धि के लिए पूजा तो हम सब करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि धनतेरस की पूजा में पंचामृत और गंगाजल का होना क्यों सबसे जरूरी माना गया है? आइए जानते हैं!
पंचामृत
सबसे पहले बात करते हैं पंचामृत की। पांच पवित्र चीजों—दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से बना पंचामृत सिर्फ एक प्रसाद नहीं है। दूध हमारी आत्मा की शुद्धता का प्रतीक है, दही हमें जीवन में स्थिरता देता है, घी शक्ति और स्नेह बढ़ाता है, शहद हमारी वाणी में मधुरता लाता है, और शक्कर जीवन में आनंद घोलती है। धनतेरस पर आरोग्य के देवता भगवान धनवन्तरि को पंचामृत अर्पित करने से घर में बीमारी नहीं आती और परिवार का स्वास्थ्य हमेशा उत्तम रहता है।
गंगाजल
अब बात करते हैं गंगाजल की। हिंदू धर्म में गंगाजल को साक्षात अमृत माना गया है।
धनतेरस के दिन गंगाजल से पूरी पूजा सामग्री और घर को पवित्र किया जाता है। माना जाता है कि गंगाजल के प्रयोग से घर की सारी नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) तुरंत खत्म हो जाती है और वहां माता लक्ष्मी और कुबेर जी का वास होता है। यह मन और वातावरण दोनों को शुद्ध कर देता है।
तो इस धनतेरस, पूरी श्रद्धा के साथ पंचामृत और गंगाजल का प्रयोग करें और भगवान धनवन्तरि की कृपा पाएं।