पंच दिवसीय दीपोत्सव पर्व पर कार्तिक मास की अमावस्या तिथि के दिन दिवाली का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन लक्ष्मी पूजन का विधान है। पौराणिक ग्रंथों में वर्णित है कि मां लक्ष्मी को कमल का पुष्प सबसे प्रिय है। मां लक्ष्मी की पूजा में कमल का फूल अर्पित करने का विधान है।
Diwali Maa Lakshmi Pujan : पंच दिवसीय दीपोत्सव पर्व पर कार्तिक मास की अमावस्या तिथि के दिन दिवाली का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन लक्ष्मी पूजन का विधान है। पौराणिक ग्रंथों में वर्णित है कि मां लक्ष्मी को कमल का पुष्प सबसे प्रिय है। मां लक्ष्मी की पूजा में कमल का फूल अर्पित करने का विधान है।
सनातन धर्म में माता लक्ष्मी को धन, वैभव और समृद्धि की देवी माना गया है, जिन्हें प्रसन्न करने के लिए उनके प्रिय फूल अर्पित करना सबसे अचूक उपाय है। मान्यता है कि नियमित रूप से या शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी को उनके पसंदीदा पुष्प चढ़ाने से घर में कभी पैसों की कमी नहीं होती और धन के भंडार हमेशा भरे रहते हैं।
मां लक्ष्मी के प्रिय पुष्प
कमल का फूल (Lotus)
यह माता लक्ष्मी का सबसे प्रिय फूल है; वे स्वयं कमल पर विराजमान रहती हैं। शुक्रवार को मां लक्ष्मी के चरणों में कमल का फूल अर्पित करने से दरिद्रता दूर होती है और सुख-समृद्धि का वास होता है।
गुलाब का फूल (Red Rose)
लाल रंग माता लक्ष्मी को अत्यंत प्रिय है। धन लाभ और अटके हुए कार्यों को पूरा करने के लिए मां लक्ष्मी को लाल गुलाब की माला या फूल अर्पित करें।
पारिजात या हरसिंगार (Parijat)
पारिजात के फूलों की खुशबू बेहद उत्तम होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन से उत्पन्न इस दिव्य पौधे के फूल मां लक्ष्मी को चढ़ाने से घर में शांति और असीम धन-दौलत आती है।
गेंदे का फूल (Marigold)
पीला और चमकीला गेंदे का फूल सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। इसे चढ़ाने से भगवान विष्णु के साथ-साथ माता लक्ष्मी भी अत्यंत प्रसन्न होती हैं।