1. हिन्दी समाचार
  2. दिल्ली
  3. DU Election : डूसू के चुनावी दंगल में आप की एंट्री, पहली बार ताल ठोकेगी ASAP

DU Election : डूसू के चुनावी दंगल में आप की एंट्री, पहली बार ताल ठोकेगी ASAP

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ ( DUSU) चुनाव 2025 का शंखनाद हो गया है। इस साल चुनाव 18 सितंबर को होंगे। इन चुनावों में अभी तक भाजपा छात्र संगठन (ABVP) और कांग्रेस का छात्र संगठन  (NSUI) के बीच टक्कर होती रही है। अब डीयू के चुनाव में आम आदमी पार्टी के छात्र संगठन ( ASAP) की एंट्री हो गई है।

By santosh singh 
Updated Date

नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ ( DUSU) चुनाव 2025 का शंखनाद हो गया है। इस साल चुनाव 18 सितंबर को होंगे। इन चुनावों में अभी तक भाजपा छात्र संगठन (ABVP) और कांग्रेस का छात्र संगठन  (NSUI) के बीच टक्कर होती रही है। अब डीयू के चुनाव में आम आदमी पार्टी के छात्र संगठन ( ASAP) की एंट्री हो गई है।

पढ़ें :- इनकी छवि तो बनी नहीं लेकिन अधिकारियों के घर-महल ज़रूर बन गये...अखिलेश यादव ने सीएम पर साधा​ निशाना

आम आदमी पार्टी का छात्र संगठन ( ASAP)  की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि एबीवीपी (ABVP)  और एनएसयूआई (NSUI) ने कैंपस को वर्षों तक एक निजी ठेके की तरह चलाया, जहां पर सेटिंग करके बारी-बारी से डूसू छात्रसंघ पर कब्जा जमाए बैठे रहे। अब यह चक्र टूटेगा। क्योंकि इस बार आम आदमी पार्टी का छात्र संगठन ( ASAP)  डूसू छात्र संघ चुनाव लड़ेगा, और सिर्फ लड़ेगा ही नहीं, बल्कि एबीवीपी (ABVP)  और एनएसयूआई (NSUI)  की गुंडागर्दी वाली राजनीति को सीधी चुनौती देगा।

सैप ( ASAP)   का कहना है कि छात्र राजनीति कोई भाजपा और कांग्रेस नेताओं की जागीर नहीं हो सकती। नेतृत्व उस छात्र के हाथ में होना चाहिए, जो पढ़ाई में अच्छा है, मेहनती है, ईमानदार है और अपने कॉलेज व विश्वविद्यालय को बेहतर बनाना चाहता है।

आप के छात्र संगठन का कहना है कि एसैप ने टिकट प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और लोकतांत्रिक बना दिया है। हर छात्र को मौका मिलेगा, चाहे वो किसी भी भाषा, धर्म, जाति या आर्थिक पृष्ठभूमि से आता हो। जो भी छात्र डूसू या कॉलेज यूनियन का चुनाव लड़ना चाहता है, उसे सिर्फ तीन आसान स्टेप पूरे करने होंगे, पहला- एक पंजीकरण फॉर्म भरना होगा। जिसकी आखिरी तारीख 25 अगस्त है। दूसरा- एक मिनट का वीडियो या ऑडियो जिसमें वह अपने मुद्दों को साफ़-साफ़ रखे, और तीसरा- 200-500 शब्दों में अपना एजेंडा बताए। कॉलेज यूनियन के लिए कम से कम 5 अलग-अलग सेक्शन से 10 छात्रों का समर्थन जुटाना होगा, और डूसू के लिए 5 कॉलेजों से 50 छात्रों का, जिनके नाम, स्टूडेंट ID और मोबाइल नंबर अनिवार्य हैं। उम्मीदवार के पास पूरी कक्षा उपस्थिति होनी चाहिए, कोई बैकलॉग नहीं, और न ही कोई अनुशासनात्मक या आपराधिक रिकॉर्ड हो।

पढ़ें :- मोहन भागवत, बोले- Gen-Z बिना तर्क कोई बात नहीं करती स्वीकार, इसलिए उससे संवाद और 'शास्त्रार्थ' की जरूरत है, न कि उसे खारिज करने की
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...