दलीप ट्रॉफी (Duleep Trophy) के सेमीफाइनल मुकाबले में सेंट्रल जोन (Central Zone) के खिलाफ मैदान पर एक बेहद ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला। ईस्ट जोन के नियमित कप्तान ईशान किशन (Captain Ishan Kishan) के अचानक चोटिल होकर मैदान से बाहर जाने के बाद महज 15 साल के युवा स्टार क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) को टीम का कार्यकारी कप्तान बनाया गया।
नई दिल्ली: दलीप ट्रॉफी (Duleep Trophy) के सेमीफाइनल मुकाबले में सेंट्रल जोन (Central Zone) के खिलाफ मैदान पर एक बेहद ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला। ईस्ट जोन के नियमित कप्तान ईशान किशन (Captain Ishan Kishan) के अचानक चोटिल होकर मैदान से बाहर जाने के बाद महज 15 साल के युवा स्टार क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) को टीम का कार्यकारी कप्तान बनाया गया। सेंट्रल जोन (Central Zone) की पहली पारी के 19वें ओवर में जब वैभव ने कप्तानी की जिम्मेदारी संभाली तो उनके चेहरे पर एक मुस्कुराता हुआ आत्मविश्वास साफ देखा जा सकता था।
ईशान किशन को लगी चोट
यह घटना तब घटी जब विकेटकीपिंग कर रहे ईस्ट जोन (East Zone) के कप्तान इशान किशन (Captain Ishan Kishan) के दाहिने हाथ की कलाई पर तेजी से गेंद लग गई। दर्द से कराह रहे इशान को तुरंत फिजियो की मदद लेनी पड़ी और प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें आगे के इलाज के लिए मैदान से बाहर जाना पड़ा। बाद में ईशान के हाथ पर पट्टी बंधी हुई दिखी जबकि विकेटकीपिंग का जिम्मा उनके झारखंड के साथी खिलाड़ी कुमार कुशाग्र ने संभाला।
पहले गेंदबाजी कर रही ईस्ट जोन की टीम
मैच की बात करें तो ईस्ट जोन (East Zone) ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था। त्रिपुरा के तेज गेंदबाज अभिजीत सरकार ने शुरुआती ओवरों में ही घातक गेंदबाजी करते हुए सेंट्रल जोन (Central Zone) के ओपनिंग बल्लेबाज अमन मोखाड़े (8) और कुणाल चंदेला (6) को आउट कर दिया जिससे रजत पाटीदार की कप्तानी वाली सेंट्रल जोन (Central Zone) की टीम 36 रनों पर ही अपने 2 महत्वपूर्ण विकेट गंवा बैठी थी।
पहली बार सीनियर टीम की कप्तानी
यह पहला मौका है जब वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) किसी सीनियर पुरुष टीम की कप्तानी करते नजर आए हैं। साल 2024 की शुरुआत में रणजी ट्रॉफी के जरिए फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में सबसे कम उम्र में डेब्यू करने वाले वैभव का यह केवल 10वां फर्स्ट-क्लास और दूसरा दलीप ट्रॉफी (Duleep Trophy) मैच है। इस महीने की शुरुआत में जब वैभव को ईस्ट जोन का उप-कप्तान नियुक्त किया गया था तब चयनकर्ताओं के फैसले पर काफी बहस हुई थी।
दलीप ट्रॉफी (Duleep Trophy) के पहले दौर में नॉर्थ ईस्ट जोन (North East Zone) के खिलाफ मिली जीत में वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) बल्ले से कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर सके थे और पहली पारी में केवल 8 रन बनाकर आउट हो गए थे। लेकिन उन्होंने अपनी बहुमुखी प्रतिभा दिखाते हुए गेंद से 2 विकेट चटकाए थे और टीम की एक पारी की जीत में अहम भूमिका निभाई थी।