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डोनाल्ड ट्रंप पर यूएस के पूर्व विदेश मंत्री का बड़ा बयान, महान देश नहीं देते है अल्टीमेट

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार भारत को धमकी देते जा रहे है। अब अमेरिकी राष्ट्रपति का विरोध उनके ही देश के पूर्व नेता करने लग गए है। भारत से टैरिफ तनाव के बीच पूर्व यूएस के पूर्व विदेश मंत्री जॉन कैरी ने अपने बयान में कहा कि बातचीत के लिए आपसी सम्मान और सहयोग की जरूरत होती है। महान देश हर समय लोगों को अल्टीमेटम देते नहीं देते है।

By Satish Singh 
Updated Date

नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार भारत को धमकी देते जा रहे है। अब अमेरिकी राष्ट्रपति का विरोध उनके ही देश के पूर्व नेता करने लग गए है। भारत से टैरिफ तनाव के बीच  अमेरिका के पूर्व विदेश मंत्री जॉन कैरी ने अपने बयान में कहा कि बातचीत के लिए आपसी सम्मान और सहयोग की जरूरत होती है। महान देश हर समय लोगों को अल्टीमेटम देते नहीं देते है।
अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद विदेश नीति में लगातार बदलाव आ रहा है। इस पर कई पूर्व पदाधिकारियों ने अपनी आवाज उठानी शुरू कर दी है। ओबामा के कार्यकाल अमेरिकी विदेश मंत्री रहे जॉन कैरी ने ट्रंप के लगातार देशों को धमकी देने वाली इस नीति पर तंज कसा है। जॉन ने कहा कि कोई भी महान देश हर समय अल्टीमेटम नहीं देता रहता है। उन्होंने पीएम मोदी और ट्रंप के बीच ट्रेड और टैरिफ को लेकर चल रहे तनाव को भी दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।

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ईटी के वर्ल्ड लीडर फोरम में अपनी बात रखते हुए कैरी ने कहा कि अपनी महानता का प्रदर्शन करने के लिए कोई भी महान देश अल्टीमेटम नहीं देता है। महान देश हमेंशा वास्तविक कूटनीतिक प्रयास करते हैं, जिससे आम सहमति बने और सामान्य कामकाज को करने में मदद मिल सके। अमेरिका और भारत के बीच जारी टैरिफ तनाव पर बात करते हुए कैरी ने कहा कि किसी भी दो देश के बीच में बातचीत आपसी सहयोग और सम्मान के जरिए होती है। आप किसी को जबरदस्ती बात करने के लिए नहीं कह सकते।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कैरी ने बताया अपना मित्र

यूएस के पूर्व विदेश मंत्री कैरी ने बताया कि भारत अमेरिका के साथ बातचीत करने के लिए जो प्रयास कर रहा है वह सराहनीय है। पीएम नरेंद्र मोदी और पियूष गोयल मेरे अच्छे मित्र रहे हैं। उम्मीद है कि वह इस विवाद को बेहतर तरीके से सुलझा लेंगे। सच कहूं तो मुझे लगता है कि इस ट्रेड डील की बातचीत में भारत ने बहुत मजबूत पेशकश की है। ट्रंप के सत्ता में आने के बाद से शायद ही कोई ऐसा देश हो, जिसे अमेरिका ने धमकी न दी हो। चाहें कनाडा जैसा पड़ोसी देश हो, फिर यूरोप के साझेदार हों, भारत जैसे मित्र मुल्क या फिर चीन और रूस जैसे देश पिछले 6 महीनों में ट्रंप ने किसी न किसी तरीके से सभी को धमकी दी है। ऐसे में अमेरिका में भी उनकी इस नीति को लेकर आलोचना बढ़ गई है।

 

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