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Ganga Dussehra 2024 : गंगा दशहरा के दिन गंगाजल घर लाने की परंपरा है,सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता

सनातन धर्म में मां गंगा को  मोक्ष दायिनी माना जाता है। पौराणिक ग्रंथों में कहा गया है कि 'गंगा तव दर्शनात् मुक्ति' , यानी कि गंगा के दर्शन मात्र से ही मुक्ति मिल जाती है। धार्मिक मान्यता  के अनुसार,गंगा दशहरा के दिन ही मां गंगा धरती पर आईं थीं।

By अनूप कुमार 
Updated Date

Ganga Dussehra 2024 : सनातन धर्म में मां गंगा को  मोक्ष दायिनी माना जाता है। पौराणिक ग्रंथों में कहा गया है कि ‘गंगा तव दर्शनात् मुक्ति’ , यानी कि गंगा के दर्शन मात्र से ही मुक्ति मिल जाती है। धार्मिक मान्यता  के अनुसार,गंगा दशहरा के दिन ही मां गंगा धरती पर आईं थीं। गंगा जल को अमृत के समान माना गया है। गंगा में स्नना और फिर दान करने का विशेष फल बताया गया है।सनातन धर्म में गंगा दशहरा पर गंगा में स्नान करने और गंगाजल को घर में लाने की परंपरा है।

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इस साल 16 जून को गंगा दशहरा का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन स्नान-दान के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 7 बजकर 8 मिनट से सुबह 10 बजकर 37 मिनट तक रहेगा।

मां गंगा मंत्र 
ॐ नमो गंगायै विश्वरूपिण्यै नारायण्यै नमो नमः’
ॐ नमो गंगायै विश्वरूपिण्यै नारायण्यै नमो नमः’

गंगा दशहरा के दिन गंगा स्नान करने मात्र से ही सात जन्मों के पाप मिट जाते हैं। इस बात का उदाहरण राजा सगर के 60 हजार पुत्रों को मिला मोक्ष है। इस वजह से ही मां गंगा को मोक्षदायिनी यानि मोक्ष प्रदान करने वाली कहा गया है।

इस विशेष दिन पर भगवान शिव की विधिवत उपासना करने से भी विशेष लाभ प्राप्त होता है और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। इस विशेष दिन पर पितरों को तर्पण प्रदान करने से भी लाभ प्राप्त होता है।

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