दिवाली से पहले केंद्रीय कर्मचारियों (Central Government Employees) के लिए बड़ी खुशखबरी आ सकती है। कर्मचारी संगठनों ने सरकार से मांग की है कि बोनस (Bonus) के कैलकुलेशन की मौजूदा 7,000 रुपये की लिमिट को बढ़ाकर 21,000 रुपये किया जाए। अगर सरकार इस मांग को मंजूरी देती है, तो कर्मचारियों का दिवाली बोनस करीब 14000 रुपये बढ़ सकता है।
नई दिल्ली : दिवाली से पहले केंद्रीय कर्मचारियों (Central Government Employees) के लिए बड़ी खुशखबरी आ सकती है। कर्मचारी संगठनों ने सरकार से मांग की है कि बोनस (Bonus) के कैलकुलेशन की मौजूदा 7,000 रुपये की लिमिट को बढ़ाकर 21,000 रुपये किया जाए। अगर सरकार इस मांग को मंजूरी देती है, तो कर्मचारियों का दिवाली बोनस करीब 14000 रुपये बढ़ सकता है। यानी मौजूदा रकम के मुकाबले करीब तीन गुना फायदा। हालांकि, अभी सरकार की ओर से इस बढ़ोतरी पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
दिवाली से पहले केंद्रीय कर्मचारियों (Central Government Employees) के लिए बड़ी खबर सामने आई है। अगर कर्मचारी संगठन की मांग मान ली जाती है, तो इस साल कर्मचारियों का बोनस करीब तीन गुना तक बढ़ सकता है। इससे पात्र केंद्रीय कर्मचारियों (Central Government Employees) को दिवाली पर मिलने वाला बोनस करीब 6,908 रुपये से बढ़कर 20,724 रुपये हो सकता है। हालांकि, अभी यह सिर्फ मांग है और सरकार की ओर से इस बढ़ोतरी पर अंतिम आदेश जारी नहीं हुआ है।
21000 रुपये बोनस कैलकुलेशन की मांग
नेशनल काउंसिल स्टॉफ साइड ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने कैबिनेट सचिव को पत्र लिखकर बोनस की कैलकुलेशन की लिमिट बढ़ाने की मांग की है। 27 अगस्त 2026 को भेजे गए पत्र में NC-JCM के सचिव शिव गोपाल मिश्रा ने कहा कि जब केंद्र सरकार की ओर से न्यूनतम मजदूरी का स्तर 21,000 रुपये तक माना जा रहा है, तो बोनस की कैलकुलेशन भी कम से कम इसी अमाउंट पर होनी चाहिए। दशहरा जो 20 अक्टूबर 2026 को है। संगठन चाहता है कि इससे पहले सरकार बोनस को लेकर जरूरी आदेश जारी करे।
अभी कितना बोनस मिलता है?
केंद्रीय कर्मचारियों (Central Government Employees) को हर साल दिवाली के आसपास एक महीने के बराबर नॉन प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (Ad-hoc Bonus) दिया जाता है। इसकी कैलकुलेशन फिलहाल 7,000 रुपये की अधिकतम वेतन लिमिट के आधार पर की जाती है। बोनस निकालने के लिए 30.4 औसत दिनों का फॉर्मूला इस्तेमाल किया जाता है।
मौजूदा कैलकुलेशन
7,000 रुपये ÷ 30.4 × 30 = 6,908 रुपये
यानी पात्र कर्मचारी को करीब 6,908 रुपये का बोनस मिल सकता है।
अगर 21,000 रुपये की लिमिट मंजूर हुई तो? अब असली फायदा यहां समझिए। अगर सरकार बोनस कैलकुलेशन की लिमिट 7,000 रुपये से बढ़ाकर 21,000 रुपयेकर देती है, तो कैलकुलेशन होगा।
21,000 रुपये÷ 30.4 × 30 = 20,724 रुपये
यानी बोनस करीब 20,724 रुपये हो जाएगा।
इस तरह मौजूदा करीब 6,908 रुपये के मुकाबले कर्मचारी को लगभग 13,816 रुपये ज्यादा मिलेंगे। दूसरे शब्दों में कहें तो बोनस लगभग तीन गुना हो सकता है।
किसे मिलेगा फायदा?
यह बढ़ोतरी तभी लागू होगी जब सरकार NC-JCM की मांग को स्वीकार करके नई बोनस लिमिट का आदेश जारी करे। इसलिए फिलहाल कर्मचारियों को 20,724 को पक्का बोनस नहीं मानना चाहिए।
NC-JCM का कहना है कि मौजूदा बोनस लिमिट आज की न्यूनतम मजदूरी और महंगाई के मुकाबले काफी कम है। कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि जब केंद्र सरकार अलग-अलग केटेगरी के कामगारों के लिए 783 रुपये से 1,035 रुपये प्रतिदिन तक की न्यूनतम मजदूरी तय कर रही है, तो बोनस की कैलकुलेशन सिर्फ 7,000 रुपये की लिमिट पर करना उचित नहीं है।
8वें वेतन आयोग में भी बोनस बढ़ाने की मांग
कर्मचारी संगठनों की तरफ से 8वें वेतन आयोग के सामने भी बोनस बढ़ाने का मुद्दा उठाया गया है। ऑल इंडिया न्यू पेंशनल स्कीम इम्पलॉयीज फेडरेशन (AINSPEF) ने अलग कैलकुलेशन के आधार पर करीब 26,941 रुपये बोनस का सुझाव दिया है। लेकिन फिलहाल सबसे बड़ी मांग 21,000 रुपये की बोनस कैलकुलेशन लिमिट करने की है।
दिवाली पर कर्मचारियों को कितने पैसे मिल सकते हैं?
अभी का सिस्टम : करीब 6,908 रुपये
21,000 रुपये लिमिट मंजूर होने पर: करीब 20,724 रुपये
संभावित अतिरिक्त फायदा: करीब 13,816 रुपये यानी अगर सरकार मांग को मंजूरी देती है, तो इस दिवाली पात्र केंद्रीय कर्मचारियों की जेब में करीब 20,724 रुपये का बोनस आ सकता है। हालांकि, अंतिम रकम और लागू होने की शर्तें सरकार के आधिकारिक आदेश के बाद ही साफ होंगी।