राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता व बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने रविवार को कहा कि देश में मौजूदा लड़ाई वोटरों और ‘चीटरों’ के बीच है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए सभी को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) पर निशाना साधते हुए उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाने और उन्हें जेल भेजने की मांग की।
नई दिल्ली। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता व बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने रविवार को कहा कि देश में मौजूदा लड़ाई वोटरों और ‘चीटरों’ के बीच है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए सभी को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) पर निशाना साधते हुए उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाने और उन्हें जेल भेजने की मांग की।
‘हमें संकल्प लेना है कि हम लोकतंत्र को खत्म नहीं होने देंगे’ , जब शकुनि अपना खेल खेल रहा है, तो कुरुक्षेत्र में लड़ाई लड़नी होगी
दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘इंडिया’ गठबंधन की ‘वोट चोरी’ के खिलाफ आयोजित रैली को संबोधित करते हुए तेजस्वी ने कहा कि हमें संकल्प लेना है कि हम लोकतंत्र को खत्म नहीं होने देंगे। उन्होंने रामलीला मैदान का जिक्र करते हुए कहा कि वैसे तो रामलीला मैदान में रामायण के पाठ का आयोजन होता है, लेकिन हमने वोट चोरों के खिलाफ महाभारत शुरू किया है। महाभारत के पात्र शकुनि का उल्लेख करते हुए आरजेडी नेता ने कहा कि जब शकुनि अपना खेल खेल रहा है, तो कुरुक्षेत्र में लड़ाई लड़नी होगी। शकुनि पासा फेंकता था, तो उसमें बेईमानी होती थी।
तेजस्वी ने कहा कि मोदी जी, आज आपको चुनना होगा कि आपके लिए देश महत्वपूर्ण है या फिर अपना ‘ज्ञानू’
तेजस्वी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार पर देशद्रोह का मुकदमा चलना चाहिए और उन्हें जेल भेजना चाहिए, ताकि आगे किसी की लोकतंत्र खत्म करने की हिम्मत नहीं हो। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि मोदी सरकार (Modi Government) दो नंबरी है और मोदी जी 10 नंबरी प्रधानमंत्री हैं। प्रधानमंत्री मोदी को संबोधित करते हुए तेजस्वी ने कहा कि मोदी जी, आज आपको चुनना होगा कि आपके लिए देश महत्वपूर्ण है या फिर अपना ‘ज्ञानू’ महत्वपूर्ण है।
उन्होंने निर्वाचन आयोग में सॉफ्टवेयर घोटाला होने का आरोप भी लगाया। ‘इंडिया’ गठबंधन की यह रैली मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर आयोजित की गई। विपक्षी दल चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप लगाते रहे हैं, जबकि निर्वाचन आयोग इन आरोपों को खारिज करता रहा है।