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सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाने के खिलाफ PIL पर तुरंत सुनवाई से हाई कोर्ट ने किया इनकार

दिल्ली हाई कोर्ट ने पर्यावरण और शिक्षा कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से जबरन हटाकर अस्पताल में भर्ती कराए जाने के खिलाफ दायर जनहित याचिका (Public Interest Litigation) पर तुरंत सुनवाई करने से पुरी तरह से इनकार कर दिया है।  हांलाकि इस मामले की अविलंबता पर सवाल उठाते हुए मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने याचिकाकर्ता से पूछा, "इतनी जल्दबाजी क्या है?"

By Sushil Sah 
Updated Date
नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने पर्यावरण और शिक्षा कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से जबरन हटाकर अस्पताल में भर्ती कराए जाने के खिलाफ दायर जनहित याचिका (Public Interest Litigation) पर तुरंत सुनवाई करने से पुरी तरह से इनकार कर दिया है।  हांलाकि इस मामले की अविलंबता पर सवाल उठाते हुए मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने याचिकाकर्ता से पूछा, “इतनी जल्दबाजी क्या है?” कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस मामले पर नियमित प्रक्रिया के तहत बुधवार को भी सुनवाई की जा सकती है, इसलिए तुरंत लिस्टिंग की कोई आवश्यकता नहीं है।
हाई कोर्ट ने तुरंत सुनवाई की मांग को नकारा 
मुख्य न्यायाधीश ‘देवेंद्र कुमार उपाध्याय’ और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ के सामने याचिकाकर्ता ने कहा कि दिल्ली पुलिस द्वारा सोनम वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से उठाकर सफदरजंग अस्पताल ले जाना असंवैधानिक है। इस याचिका में मांग की गई कि पुलिस की कार्रवाई को मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करार दिया जाए। इस पर कोर्ट ने टिप्पणी की कि जो घोषणा बुधवार को की जा सकती है, उसके लिए आज ही इतनी जल्दबाजी क्यों है? याचिकाकर्ता ने यह भी दावा किया कि जंतर-मंतर पर सभी प्रदर्शनकारियों को भी परेशान किया जा रहा है और लोगों की जान खतरे में है, लेकिन कोर्ट ने इस दलील के आधार पर तत्काल हस्तक्षेप की जरूरत नहीं समझी। अब इस मामले की अगली सुनवाई बुधवार यानी 22 जुलाई 2026 होगी।
पत्नी की याचिका पहले ही हो चुकी है खारिज 
आपको बता दे कि इससे पहले, 19 जुलाई यानी रविवार को एक विशेष सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने सोनम वांगचुक की पत्नी ‘गीतांजलि जे. आंग्मो’ की याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उन्हें सफदरजंग अस्पताल से हटाकर किसी निजी अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग की गई थी। तब इस अपनी टिप्पणी में कोर्ट ने कहा था कि प्रशासन द्वारा वांगचुक की बिगड़ती सेहत को देखते हुए उन्हें सरकारी अस्पताल में भर्ती कराने का निर्णय बिल्कुल सही था और इसमें कोई भी  मनमानी नहीं की गई थी।
क्यों आंदोलन पर बैठे हैं सोनम वांगचुक?
लद्दाख के प्रमुख सुधारक सोनम वांगचुक कॉकरोच जनता पार्टी  के समर्थन में बीते 28 जून 2026 से दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे। वह देश में नीट (NEET) परीक्षा में हुई कथित धांधलियों और पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।  अनशन के 20वें दिन डॉक्टरों ने उनकी सेहत को लेकर गंभीर चिंता जताई, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया था।

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