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चैत्र नवरात्रि में अपनी राशि अनुसार करें देवी की पूजा,तो निश्चित ही मनोकामनाएं होंगी पूर्ण

इस वर्ष चैत्र माह की शुरूआत 30 मार्च से होगी। जिस तरह से शारदीय नवरात्रि का महत्व शास्त्रों में बताया गया है ठीक उसी तरह का महत्व इस चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri) का भी है। वैसे तो सामान्य रूप से ही देवी की पूजा अर्चना की जा सकती है लेकिन ज्योतिष शास्त्र के हिसाब से राशि के अनुसार देवी की पूजा आदि की जाए तो निश्चित ही मनोकामनाएं पूरी हो सकती है।

By संतोष सिंह 
Updated Date

उज्जैन। इस वर्ष चैत्र माह की शुरूआत 30 मार्च से होगी। जिस तरह से शारदीय नवरात्रि का महत्व शास्त्रों में बताया गया है ठीक उसी तरह का महत्व इस चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri) का भी है। वैसे तो सामान्य रूप से ही देवी की पूजा अर्चना की जा सकती है लेकिन ज्योतिष शास्त्र के हिसाब से राशि के अनुसार देवी की पूजा आदि की जाए तो निश्चित ही मनोकामनाएं पूरी हो सकती है। आइए जानते है कौन सी राशि के लोग किस तरह से पूजा कर सकते है

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मेष राशि: स्कंदमाता की पूजा करें। लाल फूल से पूजन व दूध से बने पेड़े का भोग लगाएं। सिद्धकुंजिका स्तोत्र का पाठ करें।

वृषभ राशि: मां महागौरी की पूजा करें। सफेद मिठाई और सफेद फूल चढ़ाएं। दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।

मिथुन राशि: मां दुर्गा के कूष्मांडा स्वरूप की पूजा करें। मां को लाल फूल, चीनी और पंचामृत अर्पित करें।

कर्क राशि: देवी शैलपुत्री की पूजा करें। बताशा और चावल का भोग लगाएं। अर्गला व कीलक स्तोत्र का पाठ करें।

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सिंह राशि: देवी दुर्गा के कूष्मांडा स्वरूप की पूजा करें। रोली और केसर चढ़ाकर दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।

कन्या राशि: मां दुर्गा के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा करें। खीर का भोग लगाएं, कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें।

तुला राशि: महागौरी की पूजा करें। मां को लाल चुनरी और फूल चढ़ाएं। दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।

वृश्चिक राशि: कालरात्रि स्वरूप की पूजा करें। सुबह और शाम मां दुर्गा की आरती करें।

धनु राशि: स्कंदमाता की पूजा करें। पीले फूल और मिठाई का भोग लगाएं। दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।

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मकर राशि: कात्यायनी स्वरूप की पूजा करें। माता को नारियल व चुनरी चढ़ाएं। दुर्गा चालीसा का पाठ करें।

कुंभ राशि : मां दुर्गा के कालरात्रि स्वरूप की पूजा करें। हलवे का भोग लगाएं और देवी कवच का पाठ करें।

मीन राशि: चंद्रघंटा रूप की पूजा करें। माता रानी को पीला केला व पीला फूल चढ़ाएं। दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।

किसी भी ज्योतिषीय सलाह और पूजन आदि के लिए तीर्थ नगरी उज्जैन में संपर्क किया जा सकता है

पंडित अक्षय दुबे
ज्योतिषाचार्य और देवी साधक
उज्जैन मध्यप्रदेश
मोबाइल- 9244500599

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