1. हिन्दी समाचार
  2. दिल्ली
  3. आवारा कुत्तों के मामले में कोर्ट का ‘सुप्रीम’ सवाल- बिल्ली चूहों की दुश्मन तो क्या उन्हें ले आएं?

आवारा कुत्तों के मामले में कोर्ट का ‘सुप्रीम’ सवाल- बिल्ली चूहों की दुश्मन तो क्या उन्हें ले आएं?

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने आवारा कुत्तों (Stray Dogs) के मुद्दे पर गुरुवार को फिर से सुनवाई शुरू की। सुप्रीम कोर्ट ने आवारा जानवरों से होने वाले खतरों और उन्हें नियंत्रित करने में नागरिक अधिकारियों की कथित कमियों को उजागर करने वाली याचिकाओं पर ध्यान केंद्रित किया। लाइव लॉ की रिपोर्ट (Live Law Report)के मुताबिक सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील सीयू सिंह ने दलील देते हुए कहा कि दिल्ली में चूहे और बंदरों का भी खतरा है।

By संतोष सिंह 
Updated Date

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने आवारा कुत्तों (Stray Dogs) के मुद्दे पर गुरुवार को फिर से सुनवाई शुरू की। सुप्रीम कोर्ट ने आवारा जानवरों से होने वाले खतरों और उन्हें नियंत्रित करने में नागरिक अधिकारियों की कथित कमियों को उजागर करने वाली याचिकाओं पर ध्यान केंद्रित किया। लाइव लॉ की रिपोर्ट (Live Law Report)के मुताबिक सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील सीयू सिंह ने दलील देते हुए कहा कि दिल्ली में चूहे और बंदरों का भी खतरा है। कुत्तों को अचानक हटाने से क्या होता है? चूहों की आबादी बढ़ जाती है। कुत्ते संतुलन बनाए रखते हैं।’

पढ़ें :- कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की ट्रांजिट जमानत बढ़ाने की मांग सुप्रीम कोर्ट में खारिज, अभिषेक मनु सिंघवी की दलील हुई फेल

उनकी इस दलील पर न्यायमूर्ति संदीप मेहता (Justice Sandeep Mehta) ने टिप्पणी की, कि क्या इसका आपस में कोई संबंध है? हमें बिल्लियों को बढ़ावा देना चाहिए, क्योंकि वे चूहों की दुश्मन हैं।’ इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने टिप्पणी करते हुए कहा कि हमने गली के हर कुत्ते को हटाने का निर्देश नहीं दिया है। उनके साथ नियमानुसार व्यवहार किया जाना चाहिए।

सड़क से हर कुत्ते को हटाने का नहीं दिया निर्देश : सुप्रीम कोर्ट

आवारा कुत्तों (Stray Dogs) के मामले पर न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, संदीप मेहता और एनवी अंजारिया की पीठ में सुनवाई जारी है। इस बीच पीठ ने अपने पहले के निर्देशों को स्पष्ट करते हुए इस बात पर जोर दिया कि सड़कों से हर आवारा कुत्ते को हटाने का आदेश नहीं दिया गया था। नियमों के तहत उन्हें केवल संस्थागत इलाकों से हटाए जाने के निर्देश दिए गए थे।

कल भी सुनवाई

पढ़ें :- West Bengal SIR : SC ने अनुच्छेद 142 का इस्तेमाल कर किया बड़ा हस्तक्षेप, ट्रिब्यूनल में जिनके नाम उन्हें वोट का अधिकार, ममता बोलीं- मुझे न्यायपालिका पर गर्व

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में बुधवार को सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल (Kapil Sibal) ने दलील देते हुए कहा था कि सभी कुत्तों को पकड़ना समाधान नहीं है। इस पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने टिप्पणी करते हुए कहा कि रोकथाम हमेशा इलाज से बेहतर होती है। सिब्बल ने दलील देते हुए कहा कि सभी कुत्तों को शेल्टर में रखना संभव नहीं है। आर्थिक रूप से भी व्यवहार्य नहीं है। इसे वैज्ञानिक तरीके से करना होगा। समस्या यह है कि कानूनों का पालन नहीं किया जा रहा है।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...