ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोलने का दावा किए जाने के बावजूद हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए है। खबरों के अनुसार , शनिवार को कई भारतीय तेल टैंकर (Indian Oil Tanker) फारस की खाड़ी में ही यू-टर्न लेकर वापस लौट गए।
Strait of Hormuz : ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोलने का दावा किए जाने के बावजूद हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए है। खबरों के अनुसार , शनिवार को कई भारतीय तेल टैंकर (Indian Oil Tanker) फारस की खाड़ी में ही यू-टर्न लेकर वापस लौट गए। जिससे इस अहम समुद्री मार्ग (Major Sea Routes) की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, चार भारतीय टैंकर सनमार हेराल्ड, देश गरिमा, देश वैभव और देश विभोर दुबई से होर्मुज की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन बीच रास्ते से ही वापस लौट गए। इसी तरह दो ग्रीक टैंकर Nissos Keros और Minerva Evropi भी इस अहम समुद्री मार्ग (Major Sea Routes) को पार नहीं कर सके। फिलहाल ये अधिकतर जहाज ईरान के क़ेश्म द्वीप (Qeshm Island) के आसपास देखे गए है।
शनिवार को ईरान ने ऐलान किया कि वो खाड़ी पर फिर से सख्त पाबंदियां लगा रहा है। ईरान का कहना था कि अमेरिका ने उनके बंदरगाहों और जहाजों पर नाकेबंदी (Naval Blockade) कर रखी है।
इन छह टैंकरों में कुल मिलाकर करीब 8.3 मिलियन बैरल गैर-ईरानी कच्चा तेल (Non-Iranian Crude Oil) मौजूद है। अगर ये जहाज होर्मुज पार कर लेते, तो 28 फरवरी से शुरू हुए इस संघर्ष के बाद एक ही दिन में खाड़ी से निकलने वाला यह सबसे बड़ा तेल प्रवाह होता।
ईरान ने पहले होर्मुज (Hormuz) को पूरी तरह खोलने की बात कही, लेकिन कुछ घंटों बाद ही यह साफ कर दिया कि अगर अमेरिका अपने नौसैनिक प्रतिबंध (Naval Restrictions) नहीं हटाता, तो यह जलमार्ग फिर से बंद किया जा सकता है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप (US President Trump) ने ईरान के फैसले की सराहना की, लेकिन यह भी कहा कि ईरानी बंदरगाहों (Iranian Ports) और शिपिंग पर अमेरिकी ब्लॉकेड (American Blockade) फिलहाल जारी रहेगा।