एक तरफ भूकंप की तबाही, दूसरी तरफ मलबे के बीच फोटोशूट! पनामा की इन्फ्लुएंसर ग्रेसी बॉन की तस्वीरें सोशल मीडिया पर आते ही बवाल मच गया। यूजर्स तरह- तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे है, और इन्फ्लुएंसर को जमकर ट्रोल किया जा रहा है। अब ग्रेसी बॉन ने ट्रोलर्स को करारा जवाब देते हुए क्या कुछ कहा जानिए।
Gracie Bon Viral Photos: पनामा में भूकंप से हुई तबाही के बीच सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ग्रेसी बॉन की तस्वीरों ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। तबाह इमारतों और मलबे के सामने तस्वीरें साझा करने के बाद मॉडल को सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल किया जा रहा है। हालांकि, आलोचनाओं के बीच ग्रेसी ने भी अपनी चुप्पी तोड़ते हुए ट्रोलर्स को जवाब दिया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 11 अक्टूबर को ग्रेसी बॉन ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर कुछ तस्वीरें साझा की थीं। इन तस्वीरों में वह क्षतिग्रस्त इमारतों और मलबे के बीच नजर आ रही थीं। तस्वीरें सामने आते ही सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई। कुछ लोगों ने इसे आपदा की गंभीरता के प्रति असंवेदनशील रवैया बताया, तो कुछ यूजर्स ने आरोप लगाया कि वह मुश्किल हालात को सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के लिए इस्तेमाल कर रही हैं।
लगातार आलोचनाओं के बाद ग्रेसी बॉन ने एक वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि उनका मकसद तबाही के बाद पनामा की वास्तविक स्थिति दुनिया के सामने लाना था। उनके मुताबिक, मीडिया में अक्सर शहरों की खूबसूरत तस्वीरें दिखाई जाती हैं, जबकि प्रभावित परिवारों की परेशानियां उतनी प्रमुखता से सामने नहीं आ पातीं।
ग्रेसी ने बताया कि तस्वीर में खुद को शामिल करने का उद्देश्य पोस्ट की रीच और एंगेजमेंट बढ़ाना था, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस स्थिति पर ध्यान दें। उन्होंने दावा किया कि अधिक लोगों तक बात पहुंचने से बेघर परिवारों के लिए संसाधन जुटाने और उनके घरों के पुनर्निर्माण में मदद मिल सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि इस काम से उन्हें कोई आर्थिक लाभ नहीं मिल रहा है।
ग्रेसी बॉन के जवाब के बाद भी यह मामला चर्चा में है। एक ओर लोग आपदा के दौरान तस्वीरें खिंचवाने के तरीके पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग प्रभावित परिवारों की मदद के लिए सोशल मीडिया की पहुंच इस्तेमाल करने के तर्क को भी समझने की कोशिश कर रहे हैं।