अमेरिका-इजराइल (USA-Israel) और ईरान जंग का आज 26वां दिन है। ईरान के इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने पाकिस्तान के कराची जा रहे एक जहाज को होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) पार करने से रोक दिया।
नई दिल्ली। अमेरिका-इजराइल (USA-Israel) और ईरान जंग का आज 26वां दिन है। ईरान के इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने पाकिस्तान के कराची जा रहे एक जहाज को होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) पार करने से रोक दिया।
IRGC के नेवी कमांडर अलीरेजा तंगसीरी (IRGC Navy Commander Alireza Tangsiri) ने कहा कि ‘सेलेन’ नाम के इस जहाज के पास होर्मुज पार करने इजाजत नहीं थी। उन्होंने कहा कि इस रास्ते से गुजरने वाले हर जहाज को पहले ईरानी अधिकारियों से इजाजत लेनी होगी। यह सारा मामला तब हुआ जब पाकिस्तान इस जंग में मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है। पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ ने कल ही ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशिकयान से फोन पर बात भी की थी। वहीं, जंग की शुरूआत से अब तक भारत के 5 एलपीजी और तेल टैंकर होर्मुज से गुजर चुके हैं। इनमें जग वसंत, पाइन गैस, शिवालिक, नंदा देवी और जग लाडकी शामिल है।
जो हमारे खिलाफ, उन्हें होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की इजाजत नहीं : ईरान
ईरान ने कहा कि जो जहाज उसके खिलाफ नहीं हैं, उन्हें होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की इजाजत दी जा सकती है। हालांकि, इस रास्ते से जहाजों की आवाजाही अभी भी बहुत कम है, जिससे दुनिया में बड़ा ऊर्जा संकट पैदा हो गया है। ईरान ने संयुक्त राष्ट्र (UN) में अपने मिशन के जरिए कहा कि ऐसे जहाज ‘सुरक्षित रास्ते’ का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो ईरान के खिलाफ किसी तरह की गतिविधि में शामिल नहीं हैं और उसके नियमों का पालन करते हैं।
हालांकि ईरान ने राहत देने की बात कही है, लेकिन जमीन पर हालात कुछ और ही हैं। पहले जहां हर दिन करीब 120 जहाज इस रास्ते से गुजरते थे, अब यह संख्या घटकर सिर्फ 4-5 रह गई है। यानी समुद्री व्यापार लगभग ठप हो चुका है। दरअसल, होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का एक बहुत अहम रास्ता है, जहां से करीब 20% तेल और गैस की सप्लाई होती है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर यह स्थिति ज्यादा समय तक रही, तो तेल की कीमत 150 से 200 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती है।
इजराइल की राजधानी तेल अवीव के आसमान में कौवों के मंडराने का वीडियो वायरल, लोग इसे आने वाली बुरी घटना का मान रहे हैं संकेत
Impresionante bandada de cuervos sobre Tel Aviv 🐦. Este fenómeno, más allá de lo visual, puede indicar cambios ambientales o alteraciones en sus patrones migratorios. La concentración de aves en áreas urbanas exige monitoreo para evaluar posibles impactos en la salud pública y… pic.twitter.com/VES44HnHoG
— CresPro (@CresPro) March 25, 2026
इजराइल की राजधानी तेल अवीव में बुधवार सुबह कौवों का झुंड नजर आया। लोग इसे ‘आने वाली बुरी घटना का संकेत’ मान रहे हैं। इजराइल में कौवों के झुंड के मंडराने को पुरानी मान्यताओं में किसी बड़ी आपदा या युद्ध से पहले का संकेत माना जाता है।
हालांकि विशेषज्ञों ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि यह मार्च महीने में होने वाला सामान्य पक्षी प्रवास है। इजराइल हर साल 50 करोड़ से ज्यादा पक्षियों के लिए एक अहम रास्ता है, जहां से वे गुजरते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, शहरों में आम तौर पर दिखने वाले हुडेड क्रो (कौवों की एक प्रजाति) जैसे पक्षी अक्सर बड़े झुंड में उड़ते हैं। पक्षी वैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसे दृश्य हर साल देखने को मिलते हैं, यहां तक कि युद्ध जैसे हालात में भी पक्षी अपने तय मार्ग पर बिना रुकावट के आगे बढ़ते रहते हैं।