अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले को लेकर जमकर सियासत हो रही है। इन सबके बीच उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना का विवादित बयान आया है, जिसको लेकर अब सियासत शुरू हो गयी है। सतीश महाना ने कहा कि, जिन लोगों को लगता है कि उनका दान चोरी हो गया, संभव है कि उन्होंने सच्ची श्रद्धा से दान न दिया हो।
लखनऊ। अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले को लेकर जमकर सियासत हो रही है। इन सबके बीच उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना का विवादित बयान आया है, जिसको लेकर अब सियासत शुरू हो गयी है। सतीश महाना ने कहा कि, जिन लोगों को लगता है कि उनका दान चोरी हो गया, संभव है कि उन्होंने सच्ची श्रद्धा से दान न दिया हो। अब विधानसभा अध्यक्ष के इस बयान पर विपक्ष के नेताओं ने आपत्ति जताई है और अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने आगे कहा कि, हमारा पैसा चोरी नहीं हुआ। हमारा पैसा मंदिर में लगा है और मंदिर का भव्य स्वरूप इस बात का प्रमाण है। बता दें कि, राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद पर सियासी घमासान लगातार जारी है और यह थमने का नाम नहीं ले रहा है। विपक्षी दल के नेता लगातार इसको लेकर सवाल उठा रहे हैं और बीजेपी सरकार को घेरने में जुटे हुए हैं।
बता दें कि, राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की घटना को लेकर गठित एसआईटी की टीम जांच पड़ताल करने में जुटी है। पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया है और संदिग्धों से लगातार पूछताछ कर रही है। इसके साथ ही मंदिर के ट्रस्ट में भी कई बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं।
चंपत राय और अनिल मिश्रा ने दिया इस्तीफा
राम मंदिर में चढ़ावा की रकम चोरी होने के बाद चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव की भूमिका पर जमकर सवाल खड़े हुए। इसके बाद चंपत राय और अनिल मिश्रा ने ट्रस्ट से इस्तीफा दे दिया था।