वैदिक ज्योतिष में देवताओं के गुरु (परामर्शदाता) और नवग्रहों में सबसे शुभ ग्रह (बृहस्पति/Jupiter) माने जाते हैं।
Jupiter Transit 2026 : वैदिक ज्योतिष में देवताओं के गुरु (परामर्शदाता) और नवग्रहों में सबसे शुभ ग्रह (बृहस्पति/Jupiter) माने जाते हैं। देवगुरु बृहस्पति को भाग्य, ज्ञान, धन और संतान का कारक माना जाता है। ये ‘धनु’ और ‘मीन’ राशि के स्वामी हैं। अभी गुरु कर्क राशि में धीमी गति से चल रहे हैं और फिलहाल ‘पुनर्वसु’ नक्षत्र में हैं। लेकिन बहुत जल्द वह अपना नक्षत्र बदलने वाले हैं। 18 जून, 2026 की रात 9:32 बजे गुरु, शनि देव के ‘पुष्य नक्षत्र’ में प्रवेश करेंगे। वह यहां 18 अगस्त 2026 तक रहेंगे। देव गुरु के गोचर का असर सभी राशियों पर पड़ता है।
धनु राशि (Sagittarius)
धनु राशि वालों के लिए देव गुरु का यह गोचर बहुत ही शुभ होने वाला है। पढ़ाई-लिखाई करने वाले छात्रों के लिए यह समय बहुत ही शुभ रहने वाला है। आप अंदर से एक गजब की पॉजिटिव एनर्जी महसूस करेंगे।
कर्क राशि (Cancer)
कर्क राशि के जातकों के लिए भी शनि के नक्षत्र में गुरु का आना बेहद फायदेमंद साबित होगा। लोगों से मिलना-जुलना बढ़ेगा और आपके रिश्ते मजबूत होंगे। आपका मन पूजा-पाठ और धार्मिक कामों में ज्यादा लगेगा, जिससे आपको मानसिक शांति मिलेगी।
कन्या राशि (Virgo)
कन्या राशि वालों के लिए गुरु का यह गोचर जीवन में कई पॉजिटिव बदलाव लेकर आएगा। इस दौरान आपको कोई अच्छी खबर भी मिल सकती है। बस अपनी सेहत को लेकर लापरवाही न बरतें। अपने खान-पान और स्वास्थ्य का थोड़ा विशेष ध्यान रखें।