सनातन धर्म में ज्येष्ठ माह को बहुत ही पुनीत माना जाता है । ये पूरा माह हनुमान जी समर्पित माना जाता है। इस पूरे माह में हनुमान जी की सेवा पूजा और दान स्वरूप भंडारे का आयोजन किया जाता है।
Jyeshtha Bada Mangal 2026 : सनातन धर्म में ज्येष्ठ माह को बहुत ही पुनीत माना जाता है । ये पूरा माह हनुमान जी समर्पित माना जाता है। इस पूरे माह में हनुमान जी की सेवा पूजा और दान स्वरूप भंडारे का आयोजन किया जाता है। खासतौर पर उत्तर भारत में इस दिन का धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है। इस अवसर पर भगवान हनुमान की पूजा-अर्चना कर श्रद्धालु अपने जीवन के संकटों से मुक्ति और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं. साल 2026 में तीसरा बड़ा मंगल 19 मई यानी आज मनाया जा रहा है।
मान्यता है कि सच्चे मन से की गई पूजा से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और रुके हुए कार्य पूरे होने लगते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, आज का यह पावन दिन कुछ खास राशि के जातकों के लिए किस्मत के द्वार खोलने वाला साबित होने जा रहा है।
मेष राशि
मेष राशि को मंगल की मूलत्रिकोण राशि माना जाता है। इस राशि के जातक स्वभाव से साहसी, ऊर्जावान और नेतृत्व क्षमता से भरपूर होते हैं। बड़े मंगल के दिन इस राशि के लोगों को विशेष लाभ मिल सकता है। करियर और व्यक्तिगत जीवन में सकारात्मक बदलाव के संकेत मिलते हैं।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि भी मंगल के अधीन होती है, लेकिन इसे उसकी नकारात्मक राशि कहा जाता है। इस राशि के जातक रहस्यमयी, गहरे सोच वाले और रणनीतिक होते हैं। बड़े मंगल के प्रभाव से इनके जीवन में छिपी हुई परेशानियां दूर हो सकती हैं और मानसिक मजबूती बढ़ती है।
मकर राशि
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मकर राशि में मंगल उच्च का होता है, जिससे इसकी शक्ति और प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। इस राशि के जातकों के लिए बड़ा मंगल विशेष फलदायी साबित हो सकता है। मेहनत का पूरा फल मिलने और आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं।
बूंदी या बेसन के लड्डू का भोग
इस दिन स्नान के बाद लाल वस्त्र धारण कर हनुमान मंदिर जाएं। हनुमान चालीसा का पाठ करें, सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करें। साथ ही बूंदी या बेसन के लड्डू का भोग लगाना शुभ माना जाता है। इन दिनों में सुंदरकांड का पाठ करना भी बहुत शुभ माना जाता है।