केरल के कोच्चि में लग्जरी मर्सिडीज-बेंज कार से हुए जानलेवा हादसे ने मई 2024 के पुणे पोर्शे कांड की याद दिला दी है। इस मामले में 17 साल के नाबालिग पर 55 वर्षीय जयबालकृष्णन को टक्कर मारने का आरोप है। किशोर के पिता अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश हैं। जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने आरोपी को जमानत दे दी है..
डिजिटल, पर्दाफाश। केरल के कोच्चि में लग्जरी मर्सिडीज-बेंज कार से हुए जानलेवा हादसे ने मई 2024 के पुणे पोर्शे कांड की याद दिला दी है। इस मामले में 17 साल के नाबालिग पर 55 वर्षीय जयबालकृष्णन को टक्कर मारने का आरोप है। किशोर के पिता अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश हैं। जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने आरोपी को जमानत दे दी है, जबकि केरल हाईकोर्ट ने उसके पिता के खिलाफ मामला दर्ज करने की अनुमति दे दी है।
रात 2:20 बजे हुआ हादसा, सड़क पर जा रहे शख्स की मौत
यह हादसा रविवार तड़के कोच्चि के चेरनल्लूर इलाके में हुआ। एफआईआर के मुताबिक जयबालकृष्णन एक खाने की दुकान बंद करने के बाद घर लौट रहे थे तभी कथित तौर पर तेज रफ्तार मर्सिडीज ने उनके दोपहिया वाहन को पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में उनकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार कार न्यायाधीश के नाम पर रजिस्टर्ड है और हादसे के वक्त उनका नाबालिग बेटा उसे चला रहा था।
पहले स्टेशन बेल, फिर जमानत
पुलिस ने शुरुआत में लापरवाही से वाहन चलाने और मौत से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया था। बाद में परिवार और स्थानीय लोगों के विरोध के बीच गैर इरादतन हत्या से जुड़ी धारा 105 भी जोड़ी गई। आरोपी को सोमवार को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश किया गया जहां से उसे जमानत मिल गई।
जज पिता के खिलाफ केस दर्ज करने की मंजूरी
पीटीआई के मुताबिक पुलिस ने न्यायाधीश के खिलाफ मामला दर्ज करने की अनुमति मांगी थी। इसके बाद केरल हाईकोर्ट ने प्रशासनिक स्तर पर केस दर्ज करने की मंजूरी दी। हादसे में इस्तेमाल की गई कार भी न्यायाधीश के नाम पर रजिस्टर्ड बताई गई है।
मृतक की बेटी ने पुलिस पर उठाए सवाल
जयबालकृष्णन की बेटी ने कहा कि वह अपने पिता को न्याय दिलाने के लिए लड़ाई जारी रखेंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि न्यायाधीश का बेटा होने के कारण पुलिस ने आरोपी के साथ नरमी बरती। परिवार का कहना है कि वह किसी को भी जिम्मेदारी से बचने नहीं देगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जयबालकृष्णन परिवार में अकेले कमाने वाले थे। उनके तीन बच्चे हैं और दुकान की कमाई से घर का खर्च तथा बच्चों की पढ़ाई चलती थी।
पुणे पोर्शे कांड में भी नाबालिग पर लगे थे आरोप
मई 2024 में पुणे में तेज रफ्तार पोर्शे कार की टक्कर से दो बाइक सवारों की मौत हो गई थी। उस मामले में भी आरोपी नाबालिग था और उस पर शराब के नशे में गाड़ी चलाने के आरोप लगे थे। शुरुआती जमानत की शर्तों को लेकर देशभर में विवाद हुआ था। बाद में आरोपी के पिता समेत कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। कोच्चि के मामले में भी अब जांच, जमानत और प्रभावशाली परिवार से जुड़े सवालों पर सबकी नजर है। हालांकि, दोनों मामलों की परिस्थितियां अलग हैं और कोच्चि मामले में आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।