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उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में भूस्खलन का कहर, कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग ठप

उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ में मूसलाधार बारिश के चलते भारी भूस्खलन और तबाही की खबर सामने आई है। कूलागाड़ और मलघाट क्षेत्रों में पहाड़ी से गिरे विशाल बोल्डरों की चपेट में आकर धारचूला-तवाघाट नेशनल हाईवे पर स्थित कूलागाड़ बेली ब्रिज पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। इस आपदा के चलते सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग और आदि कैलास रूट पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बंद हो गई है।

By Sushil Sah 
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पिथौरागढ़। उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ में मूसलाधार बारिश के चलते भारी भूस्खलन और तबाही की खबर सामने आई है। कूलागाड़ और मलघाट क्षेत्रों में पहाड़ी से गिरे विशाल बोल्डरों की चपेट में आकर धारचूला-तवाघाट नेशनल हाईवे पर स्थित कूलागाड़ बेली ब्रिज पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। इस आपदा के चलते सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग और आदि कैलास रूट पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बंद हो गई है।

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पुल के टूटने और सड़क के अवरुद्ध होने के चलते उच्च हिमालयी क्षेत्र की व्यास, दारमा और चौंदास घाटियों के 12 से अधिक गांवों का तहसील मुख्यालय और देश के अन्य हिस्सों से संपर्क पूरी तरह से कट गया है। वहीं दूसरी ओर, आपदा का असर आवासीय क्षेत्रों पर भी दिखाई दे रहा है। जिले के मुनस्यारी तहसील के पांतो गांव में लगातार हो रहे भू-धंसाव के कारण दो स्थानीय आवासीय मकानों पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है।

पोकलैंड मशीनों से श्रद्धालुओं का रेस्क्यू, सीमा सड़क संगठन मुस्तैद

मार्ग बाधित होने के कारण कैलास मानसरोवर यात्रा के 9वें जत्थे के करीब 47-48 तीर्थयात्री सीमांत क्षेत्र गुंजी में फंस गए थे। जिला प्रशासन, सेना, एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों ने एक साथ अभियान चलाकर सभी यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया है। साथ ही यात्रियों को सीढ़ियों और पोकलैंड मशीनों की मदद से उफनते नाले के पार कराया गया। आपको बता दें कि यात्रा का 10वां जत्था वर्तमान में तिब्बत क्षेत्र में है, जिसकी 23 अगस्त तक भारत वापसी होने की संभावना है। इधर, सीमा सड़क संगठन की इंजीनियरिंग विंग कूलागाड़ में ह्यूम पाइप और सीमेंट ब्लॉक की मदद से एक वैकल्पिक मार्ग तैयार करने में जुटी है, जिससे आपातकालीन और छोटे वाहनों की आवाजाही को तुरंत बहाल किया जा सके। हालांकि, मुख्य बेली ब्रिज को नए सिरे से तैयार करने में कम से कम पांच से 10 दिन का समय लग सकता है।

प्रशासन ने जारी किया अलर्ट, राजस्व टीमें तैनात

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यहां के मुनस्यारी के पांतो गांव में भू-धंसाव से प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रभावितों तक फौरी राहत पहुंचाने के लिए स्थानीय राजस्व विभाग की टीमों को मौके पर तैनात किया गया है। साथ ही जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने मौसम के खराब स्थिति को देखते हुए यात्रियों और स्थानीय नागरिकों को अनावश्यक यात्राओं से बचने की सलाह दी है। इसके अलावा किसी भी आपात स्थिति के लिए प्रशासन ने कंट्रोल रूम हेल्पलाइन नंबर 8449305857 और पुलिस सेवा आपातकालीन नंबर 112 को सक्रिय कर दिया है।

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