यूपी की राजधानी लखनऊ के सआदतगंज के सोमवार को नौबस्ता इलाके में 10 मिनट के भीतर तीन लोगों की गोली मारकर मौत के घाट उतारे वाले ऋषभ शुक्ला (Rishabh Shukla) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसने बीच बचाव करने की कोशिश कर रहे लोगों पर भी फायरिंग की। ऋषभ शुक्ला (Rishabh Shukla) के सिर खून सवार देख लोग इधर-उधर छिपने लगे।
लखनऊ : यूपी की राजधानी लखनऊ के सआदतगंज के सोमवार को नौबस्ता इलाके में 10 मिनट के भीतर तीन लोगों की गोली मारकर मौत के घाट उतारे वाले ऋषभ शुक्ला (Rishabh Shukla) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसने बीच बचाव करने की कोशिश कर रहे लोगों पर भी फायरिंग की। ऋषभ शुक्ला (Rishabh Shukla) के सिर खून सवार देख लोग इधर-उधर छिपने लगे। स्थानीय लोगों ने बताया कि ऋषभ ने करीब 10 राउंड फायरिंग की है। पुलिस ने उसके पास से पिस्टल भी बरामद कर लिया है। घटना के बाद इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात किया गया है। दोनों परिवारों के घर के बाहर भी सुरक्षा कर्मी खड़े कर दिए गए हैं।
जानें कौन है ऋषभ शुक्ला?
घटना को लेकर ऋषभ शुक्ला (Rishabh Shukla) के पड़ोसियों का कहना है कि आरोपी मर्चेंट नेवी में नेविगेशन अधिकारी रह चुका है। उसे नौकरी से निकाल दिया गया था। मृतक शिवेंद्र तिवारी की पत्नी रुचि तिवारी ने पुलिस को तहरीर दी कि पड़ोस में रहने वाले राजेश शुक्ला उर्फ टुन्नू बाबू, ऋषभ शुक्ला, गिरीश शुक्ला, दिनेश शुक्ला, मुन्ना बाबू और अन्य लोग आपराधिक प्रवृत्ति के हैं। ये पहले भी जिला बदर हो चुके हैं।
दिवाली से पहले होगा बड़ा कांड
पड़ोसी अनूप सक्सेना ने बताया कि इस घटना में ऋषभ का पूरा परिवार शामिल है। वे हत्या की प्लानिंग पहले से किए हुए थे। ऋषभ ने बोला था दिवाली से पहले बड़ा कांड करूंगा और उसने कर भी दिया। ऋषभ और उसके परिवार की किसी से भी नहीं बनती थी। वे लोग सभी से झगड़ते थे। उसने घर के सामने एक खाली जमीन पर नो पार्किंग लिखवा दिया था। तिवारी परिवार और ऋषभ में पिछले कई महीनों से विवाद चल रहा था। दोनों के बीच चबूतरा बनाने का विवाद थाने तक गया था। पुलिस के हस्तक्षेप पर चबूतरा का काम रुका था।
सुयश की होने वाली थी शादी
परिजनों का कहना है कि सुयश का रिश्ता तय हो चुका था। परिवार के लोग काफी खुश थे। घर में शादी का माहौल बना हुआ था। उसकी शादी एक महीने बाद होनी थी, लेकिन ऋषभ ने उसकी हत्या कर दी। बताते चले कि पार्किंग के विवाद में ऋषभ ने अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसमें तीन लोगों को गोली लग गई। मौके पर दो लोगों की मौत हो गई। एक शख्स का ट्रामा सेंटर में मौत हो गई। मृतकों में 62 वर्षीय शिवाजी तिवारी और 55 वर्षीय शिवेंद्र तिवारी, और शिवाजी तिवारी का बेटा सुयश तिवारी शामिल है।
निहत्थे सिपाही ने दबोचा ऋषभ को
घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पुलिस मौके पर पहुंची। इस दौरान निहत्थे सिपाही कार्तिक ने हिम्मत का परिचय देते हुए ऋषभ को को खदेड़कर कर पकड़ लिया। घटना को लेकर डीसीपी वेस्ट ने बताया कि गोलीबारी की घटना हुई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को हिरासत में ले लिया है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
कौन है तिवारी परिवार?
बताते चलें कि गोलीबारी में मारे गए तिवारी परिवार के शिवाजी आरएसएस के नेता थे। वह लखनऊ पश्चिम के सह ज़िला कार्यवाह भी रह चुके थे। इसके अलावा हाइडिल (बिजली विभाग) से रिटायर्ड पीए हैं। जबकि भाई शिवेंद्र एलयू में बाबू थे। शिवाजी का बेटा सुयश बिजली का काम करता था। लाइट एंड साउंड की दुकान बाजार खाला में थी। घटना के बाद से तिवारी परिवार में कोहराम मचा हुआ है।