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Monetary Policy Statement : आरबीआई ने रेपो रेट में नहीं किया कोई बदलाव, महंगाई बढ़ने का अनुमान

Monetary Policy Statement : लोन की ब्याज दरें कम होने की उम्मीद लगाए बैठे ग्राहकों को आज मायूसी हाथ लगी है, क्योंकि रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया की मौद्रिक नीति समिति ने इस बार रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। यानी ब्याज दरें भी जस की तस रहेंगी। इसके अलावा, वित्त वर्ष 2027 की पहली और दूसरी तिमाही में महंगाई बढ़ने का अनुमान है।

By Abhimanyu 
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Monetary Policy Statement : लोन की ब्याज दरें कम होने की उम्मीद लगाए बैठे ग्राहकों को आज मायूसी हाथ लगी है, क्योंकि रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया की मौद्रिक नीति समिति ने इस बार रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। यानी ब्याज दरें भी जस की तस रहेंगी। इसके अलावा, वित्त वर्ष 2027 की पहली और दूसरी तिमाही में महंगाई बढ़ने का अनुमान है।

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मौद्रिक नीति वक्तव्य में रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया के गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने कहा, “मौद्रिक नीति समिति ने पॉलिसी रेपो रेट पर विचार-विमर्श करने और फैसला लेने के लिए 4, 5 (फरवरी) और आज बैठक की। बदलते मैक्रो-इकोनॉमिक हालात और आर्थिक दृष्टिकोण का विस्तार से आकलन करने के बाद, MPC ने सर्वसम्मति से पॉलिसी रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखने का फैसला किया है।”

आरबीआई गवर्नर ने बताया कि देश में महंगाई अभी भी नियंत्रित दायरे में बनी हुई है। आरबीआई गवर्नर ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के लिए महंगाई अनुमान को 3.9 प्रतिशत से बढ़ाकर 4 प्रतिशत कर दिया है। जबकि, दूसरी तिमाही के लिए महंगाई के अनुमान को 4 प्रतिशत से बढ़ाकर 4.2 प्रतिशत कर दिया है। हालांकि, मल्होत्रा ने यह भी कहा कि भारत की इकोनॉमी और ग्रोथ अभी मजबूत स्थिति में है। एमपीसी ने न्यूट्रल रुख बनाए रखने का फैसला किया है।”

संजय मल्होत्रा ​​ने कहा, “मॉनेटरी पॉलिसी रिवाइज्ड सीरीज पर आधारित नए महंगाई डेटा से गाइड होगी। कॉरपोरेट परफॉर्मेंस में सुधार, इनफॉर्मल सेक्टर में लगातार तेजी से मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा। ग्रामीण मांग स्थिर बनी हुई है, शहरी खपत में और बढ़ोतरी होनी चाहिए।” उन्होंने कहा, “हाल ही में खत्म हुआ इंडिया-EU FTA और संभावित इंडिया-US ट्रेड डील एक्सपोर्ट की गति को सपोर्ट करेंगे। अगले फाइनेंशियल ईयर की पहली और दूसरी तिमाही के लिए ग्रोथ का अनुमान क्रमशः 6.9 प्रतिशत और 7 प्रतिशत है।”

 

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