छोटे मोटे घाव को भरने के लिए व सर्दी जुकाम और शरीर के दर्द के लिए हल्दी का दूध पीने की सलाह दी जाता है तो वहीं घाव पर हल्दी का लेप लगाया जाता है। हल्दी एक आयुर्वेदिक औषधि है। पुराने समय से हल्दी का इस्तेमाल किया जाता आ रहा है।
छोटे मोटे घाव को भरने के लिए व सर्दी जुकाम और शरीर के दर्द के लिए हल्दी का दूध पीने की सलाह दी जाता है तो वहीं घाव पर हल्दी का लेप लगाया जाता है। हल्दी एक आयुर्वेदिक औषधि है। पुराने समय से हल्दी का इस्तेमाल किया जाता आ रहा है।
अब तक आपने पीले रंग की हल्दी का ही इस्तेमाल किया होगा पर आज हम जिस हल्दी के बारे में बताने जा रहे हैं वो है काली हल्दी (Black Turmeric)। नीले रंग की हल्दी को काली हल्दी के नाम से जाना जाता है।हालंकि बहुत कम ही लोग काली हल्दी (Black Turmeric) के बारे में जानते है। काली हल्दी एकदम अदरक की तरह ही दिखती है। औषधीय गुणों से भरपूर होती है।
काली हल्दी (Black Turmeric) बेहतरीन पेन किलर है। दांत दर्द हो या फिर सिर दर्द में काली हल्दी आराम पहुंचाती है। काली हल्दी किसी भी प्रकार के दर्द में आराम पहुंचाती है। पेट में दर्द, गैस और रैशेज जैसी समस्या में भी आराम मिलता है। ताजी हल्दी का पेस्ट बनाकर सिर पर लगाने से सिर दर्द में आराम मिलती है।
काली हल्दी (Black Turmeric) का सेवन करने से पाचन बेहतर रहता है। लीवर में होने वाली दिक्कतों में आराम पहुंचाने में हेल्प करता है। काली हल्दी का सेवन करने से ब्लड शुगर को मेंटेन करने में हेल्प करता है। साथ ही शरीर में इंसुलिन अधिक बनने के रिस्क को भी कम करती है। त्वचा में होने वाले रैशेज, दाने और सूजन में इसका पेस्ट लगाने से फायदा करता है। काली हल्दी (Black Turmeric) फेफड़ों के लिए भी काफी फायदेमंद है।