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तालिबान हमले से थर्राया पाकिस्तान, 58 सैनिक के ढेर होने से बौखलाए मुनीर ने बुलाई इमर्जेंसी मीटिंग, पूछा- क्या सो रहे थे?

अफगानिस्तान और पाकिस्तान की सीमा पर तालिबान सैनिकों भीषण हमलों में पाक के 58 सैनिकों को मौत के घाट उतार दिया है। इन हमलों से बौखलाए पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर (Pakistan Army Chief Field Marshal Asim Munir) ने रावलपिंडी स्थित जनरल हेडक्वार्टर (GHQ) में सोमवार देर रात आपातकालीन उच्च-स्तरीय बैठक (Emergency High-Level Meeting) बुलाई।

By santosh singh 
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रावलपिंडी। अफगानिस्तान और पाकिस्तान की सीमा पर तालिबान सैनिकों भीषण हमलों में पाक के 58 सैनिकों को मौत के घाट उतार दिया है। इन हमलों से बौखलाए पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर (Pakistan Army Chief Field Marshal Asim Munir) ने रावलपिंडी स्थित जनरल हेडक्वार्टर (GHQ) में सोमवार देर रात आपातकालीन उच्च-स्तरीय बैठक (Emergency High-Level Meeting) बुलाई। शीर्ष खुफिया सूत्रों ने बताया कि यह बैठक डूरंड लाइन (Durand Line) के पास पाकिस्तानी चौकियों पर हुए तालिबान के हमलों के बाद बुलाई गई थी। इन हमलों ने पाक सेना (Pakistan Army) की खुफिया और सीमा सुरक्षा की कमजोरियों की कलई खोलकर रख दी है।

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इस बैठक में कॉर्प्स कमांडर पेशावर लेफ्टिनेंट जनरल उमर अहमद बुखारी, दक्षिणी कमांड कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल राहत नसीम अहमद खान, चीफ ऑफ जनरल स्टाफ (CGS) लेफ्टिनेंट जनरल मुहम्मद अवाइस, DG ISI आसिम मलिक, DGMI मेजर जनरल वाजिद अजीज और DGMO मेजर जनरल काशिफ अब्दुल्लाह सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। खुफिया सूत्रों के मुताबिक आसिम मुनीर बेहद नाराज नजर आए और उन्होंने अपने कमांडरों से सख्त लहजे में पूछा कि पहले से खुफिया जानकारी क्यों नहीं थी? यह इंटेलिजेंस फेल्योर कैसे हुआ? कंटिजेंसी प्लान कहां था?’

मुनीर ने दिया ये बड़ा आदेश

सूत्रों के मुताबिक, मुनीर ने इसे बड़ी रणनीतिक विफलता बताते हुए हर अधिकारी से जवाब मांगा कि तालिबान की इस व्यापक कार्रवाई का कोई पूर्व संकेत क्यों नहीं मिला और फौरन जवाबी कार्रवाई की तैयारी क्यों नहीं थी? उन्होंने सभी वरिष्ठ कमांडरों को निर्देश दिया कि सात दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपें, जिसमें सभी कमियां, कारण और सुधारात्मक कदम स्पष्ट रूप से बताए जाएं। साथ ही, उन्होंने आदेश दिया कि सीमा क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाई जाए और ‘किसी भी संभावित हमले को रोकने के लिए हर मोर्चे पर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय’ किए जाएं।

मुनीर ने कहा कि पाकिस्तान अब ‘युद्ध की स्थिति में है। अंदरूनी और बाहरी दोनों मोर्चों पर।’ उन्होंने सवाल किया- ‘हम कब तक एक ‘सॉफ्ट स्टेट’ बने रहेंगे जबकि हमारे जवान और नागरिक लगातार कुर्बान हो रहे हैं? अब वक्त है सख्त कदम उठाने का।’ खुफिया सूत्रों के अनुसार, तालिबान ने सात अलग-अलग मोर्चों अंगूर अड्डा, बाजौर, कुर्रम, दिर, चितराल, वजीरिस्तान (खैबर पख्तूनख्वा) और बहराम चाह व चमन (बलूचिस्तान) से भारी आर्टिलरी से हमला किया। इन हमलों ने पाकिस्तानी चौकियों को अचानक निशाना बनाया और सेना को चौंका दिया।

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