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पीएम मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन, CPI सांसद ने मुख्य चुनाव आयुक्त को लिखा पत्र

New Delhi : पीएम नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देश की जनता को संबोधित हुए महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन (131वां संशोधन) बिल पास न होने पर कांग्रेस, टीएमसी और सपा समेत पूरे विपक्ष पर बड़ा हमला बोला था। इस भाषण में पीएम मोदी ने कहा था कि विपक्ष ने जो इस बिल का विरोध कर पाप किया है। उन्हें, इसकी सजा जरूर मिलेगी। वहीं, सीपीआई सांसद पी. संतोष कुमार ने पीएम के संबोधन को आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया है। इसको लेकर उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखा है।

By Abhimanyu 
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New Delhi : पीएम नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देश की जनता को संबोधित हुए महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन (131वां संशोधन) बिल पास न होने पर कांग्रेस, टीएमसी और सपा समेत पूरे विपक्ष पर बड़ा हमला बोला था। इस भाषण में पीएम मोदी ने कहा था कि विपक्ष ने जो इस बिल का विरोध कर पाप किया है। उन्हें, इसकी सजा जरूर मिलेगी। वहीं, सीपीआई सांसद पी. संतोष कुमार ने पीएम के संबोधन को आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया है। इसको लेकर उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखा है।

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राज्यसभा सांसद पी. संतोष कुमार ने मुख्य चुनाव आयुक्त को लिखे पत्र में कहा, “मैं आपका ध्यान, पांच राज्यों में अभी लागू आदर्श आचार संहिता के एक गंभीर उल्लंघन की ओर तुरंत आकर्षित करने के लिए लिख रहा हूँ। प्रधानमंत्री और भाजपा नेता श्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्र के नाम हालिया संबोधन, किसी भी निष्पक्ष आकलन के अनुसार, मूल रूप से राजनीतिक प्रकृति का था। इसमें पक्षपातपूर्ण दावे, चुनिंदा बातें और एक ऐसे विषय पर जनमत को प्रभावित करने के सीधे प्रयास शामिल थे, जिस पर अभी सक्रिय राजनीतिक मुकाबला चल रहा है।”

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उन्होंने अपने पत्र में आगे लिखा, “इससे भी अधिक चिंताजनक बात यह है कि इस संबोधन का प्रसारण दूरदर्शन और संसद टीवी जैसे राष्ट्रीय सार्वजनिक प्रसारकों पर किया गया। जो मूल रूप से एक राजनीतिक भाषण है, उसे प्रसारित करने के लिए सरकारी संसाधनों और सार्वजनिक रूप से वित्तपोषित मंचों का उपयोग करना चुनावी नियमों का एक गंभीर उल्लंघन है। यह उस ‘समान अवसर’ (level playing field) को कमज़ोर करता है, जिसे बनाए रखने का संवैधानिक दायित्व चुनाव आयोग पर उस अवधि के दौरान होता है, जब आदर्श आचार संहिता लागू होती है।”

पी. संतोष कुमार ने कहा, “इस तरह की घटना का संज्ञान लेने में किसी भी तरह की विफलता से संस्थागत मिलीभगत का संकेत जाने और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर जनता के विश्वास के कमज़ोर होने का खतरा है। मैं आयोग से आग्रह करता हूँ कि वह इस मामले में तत्काल और गंभीरता से कार्रवाई करे, एक जाँच शुरू करे और जवाबदेही सुनिश्चित करे, ताकि चुनावी प्रक्रिया की पवित्रता बनी रहे।”

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