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राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शपथ ग्रहण के बाद लिए 10 बड़े फैसले; BRICS और WHO के खिलाफ बड़ा कदम

President Donald Trump's 10 big decisions: डोनाल्ड ट्रंप ने 20 जनवरी को अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में कई पूर्व राष्ट्रपति, सुप्रीम कोर्ट के जज, ट्रंप का पूरा कैबिनेट, उनका परिवार के साथ-साथ तमाम देशों प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। इस दौरान अपने उद्घाटन भाषण में 78 वर्षीय ट्रंप ने अगले चार वर्षों के लिए अपना विजन प्रस्तुत किया। वहीं, दूसरी बार राष्ट्रपति पद की शपथ लेते ही ट्रंप ने अमेरिकी प्रशासन में व्यापक फेरबदल शुरू कर दिया है। आइए ट्रंप के 10 बड़े फैसलों के बारे में जान लेते हैं- 

By Abhimanyu 
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President Donald Trump’s 10 big decisions: डोनाल्ड ट्रंप ने 20 जनवरी को अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में कई पूर्व राष्ट्रपति, सुप्रीम कोर्ट के जज, ट्रंप का पूरा कैबिनेट, उनका परिवार के साथ-साथ तमाम देशों प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। इस दौरान अपने उद्घाटन भाषण में 78 वर्षीय ट्रंप ने अगले चार वर्षों के लिए अपना विजन प्रस्तुत किया। वहीं, दूसरी बार राष्ट्रपति पद की शपथ लेते ही ट्रंप ने अमेरिकी प्रशासन में व्यापक फेरबदल शुरू कर दिया है। आइए ट्रंप के 10 बड़े फैसलों के बारे में जान लेते हैं-

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दस बड़े फैसले

1- रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह जल्द से जल्द इसको सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं। अगर वह राष्ट्रपति होते तो यूक्रेन और रूस के बीच जंग शुरू ही नहीं होती। ट्रंप के इस फैसले के बाद लगभग दो साल से रूस-यूक्रेन के बीच जारी जंग को खत्म करने पर नए सिरे से बातचीत शुरू हो सकती है।

2.WHO से अमेरिका ने खुद को बाहर कर लिया है। राष्ट्रपति ट्रंप के इस फैसले से WHO पर भारी असर पड़ने वाला है, क्योंकि WHO को अमेरिका से मिलने वाली फंडिंग बंद हो जाएगी। जिसका सीधा आसरा दुनिया भर में चल रही WHO की कई स्कीम पर पड़ने वाला है।

3. फ्री स्पीच की अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति ट्रंप ने पैरवी की है। उन्होंने सोमवार को एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिसमें सरकारी एजेंसियों को अमेरिकियों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन न करने का निर्देश दिया गया।

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4. BRICS देशों को डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति की शपथ लेते ही धमकी दी है। ट्रंप ने कहा कि अगर ये समूह अमेरिका विरोधी नीतियां लाता है तो उन्हें भी परिणाम भुगतना पड़ेगा और वे खुश नहीं रह पाएंगे। बता दें कि ब्राजील, रूस, भारत, चीन और साउथ अफ्रीका इस समूह का हिस्सा है, जो डॉलर के मुकाबले एक अलग करेंसी लाने का विचार कर रहे हैं। ऐसे में ट्रंप की धमकी अमेरिका और ब्रिक्स देशों के बीच टकराव की स्थिति उत्पन्न कर सकती है।

5- टिकटॉक को 75 दिनों की मोहलत देकर राष्ट्रपति ट्रंप ने चीन से रिश्ते सुधारने की पहल की है। इस दौरान टिकटॉक को अमेरिकी नियमों का पालन करने के लिए जरूरी उपाय करने होंगे। बता दें कि अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने टिकटॉक को बैन करने का आदेश दिया है।

6. ग्रीनलैंड पर अमेरिकी कब्जे की चर्चाओं के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि “यह एक शानदार जगह है और उन्हें अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए इसकी ज़रूरत है। उन्हें यकीन है कि डेनमार्क भी साथ आएगा, क्योंकि इसे बनाए रखने के लिए उन्हें बहुत ज़्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। ग्रीनलैंड के लोग डेनमार्क से खुश नहीं हैं।” ट्रंप की इस घोषणा से यूरोप और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ सकता है।

7. कनाडा-मेक्सिको पर 25% टैरिफ लगाकर ट्रंप ने दोनों देशों को बड़ा झटका दिया है। ये फैसला लगभग 10 दिन बाद 1 फरवरी से लागू होगा। इस फैसले के बाद कनाडा-मेक्सिको से अमेरिका आने वाले सामान पर बिजनेसमैन को 25 फीसदी टैक्स देना पड़ेगा। इसके बाद अमेरिका और ऊस्के पड़ोसियों के बीच ट्रेड वॉर शुरू हो सकता है।

8. थर्ड जेंडर का कॉन्सेप्ट अमेरिका में खत्म करके ट्रंप ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है। यानी अब अमेरिका में अमेरिका में सिर्फ स्त्री और पुरुष होंगे। अमेरिकी समाज पर इसका व्यापक असर पड़ेगा। अब अमेरिका में थर्ड जेंडर को मिलने वाली सुविधाएं खत्म हो जाएंगी।

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9. छह जनवरी के दोषियों को माफी दे दी गयी और इन पर मुकदमा नहीं चलेगा। दरअसल, साल 2020 में जब ट्रंप हार गये थे इस दौरान वाशिंगटन में काफी हिंसा हुई थी। साल 2021 में 6 जनवरी को ट्रंप के समर्थक अमेरिकी संसद कैपिटल हिल पर कब्जा करना चाहते थे। रिपब्लिकन पार्टी के इन 1500 कार्यकर्ताओं को माफी दे दी गयी है।

10. मेक्सिको बॉर्डर पर नेशनल इमरजेंसी की घोषणा की गयी है। अमेरिका का साउथ बॉर्डर मेक्सिको से लगता है, जहां से बड़े पैमाने पर अवैध प्रवासी घुसपैठ की कोशिश करते रहते हैं। जिसको देखते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिका के बॉर्डर को सीलबंद और सुरक्षित करने का फैसला किया है।

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