भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जर्मनी की प्रमुख शिपबिल्डिंग कंपनी ThyssenKrupp Marine Systems के शिपयार्ड का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने अत्याधुनिक Type 212 submarine पनडुब्बी पर सवार होकर उसकी क्षमताओं की जानकारी ली,
नई दिल्ली। भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जर्मनी की प्रमुख शिपबिल्डिंग कंपनी ThyssenKrupp Marine Systems के शिपयार्ड का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने अत्याधुनिक Type 212 submarine पनडुब्बी पर सवार होकर उसकी क्षमताओं की जानकारी ली, जिसे कंपनी के अधिकारियों ने विस्तार से प्रस्तुत किया। रक्षा मंत्री 21 से 23 अप्रैल तक जर्मनी के तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर हैं। इस यात्रा के दौरान भारत और जर्मनी के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए।
दोनों देशों ने डिफेंस इंडस्ट्रियल कोऑपरेशन रोडमैप और संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना प्रशिक्षण में सहयोग के लिए एक कार्यान्वयन समझौते पर हस्ताक्षर और आदान-प्रदान किया। यह समझौते राजनाथ सिंह और जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस की मौजूदगी में हुए। इससे दोनों देशों के बीच संस्थागत सहयोग को मजबूती मिलेगी और रक्षा क्षेत्र में संयुक्त प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और तकनीकी विकास के नए अवसर खुलेंगे। इससे पहले, दोनों नेताओं ने Berlin में द्विपक्षीय वार्ता की, जिसमें रक्षा सहयोग के विभिन्न पहलुओं और रक्षा उपकरणों के सह-विकास एवं सह-उत्पादन जैसे विषयों पर चर्चा हुई। खास तौर पर उन्नत और विशेष तकनीकों पर ध्यान केंद्रित किया गया। बैठक के दौरान दोनों देशों ने सैन्य स्तर पर सहयोग को और बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपनी यात्रा को गहरी मित्रता, तालमेल और विश्वास का प्रतीक बताया और कहा कि हाल के वर्षों में भारत-जर्मनी रक्षा सहयोग में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। यह यात्रा दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।