भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) देश में करेंसी व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रहा है। एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक केंद्रीय बैंक जल्द ही पॉलीमर यानी प्लास्टिक बैंक नोटों का पायलट प्रोजेक्ट शुरू कर सकता है। शुरुआती चरण में छोटे मूल्य के नोटों का परीक्षण किया जाएगा...
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) देश में करेंसी व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रहा है। एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक केंद्रीय बैंक जल्द ही पॉलीमर यानी प्लास्टिक बैंक नोटों का पायलट प्रोजेक्ट शुरू कर सकता है। शुरुआती चरण में छोटे मूल्य के नोटों का परीक्षण किया जाएगा जिसके बाद इसके नतीजों के आधार पर आगे की रणनीति तय होगी।
पॉलीमर बैंक नोट सामान्य कागज पर नहीं बल्कि विशेष तरह के पतले और लचीले प्लास्टिक मटेरियल पर तैयार किए जाते हैं। ये दिखने और इस्तेमाल में लगभग मौजूदा नोटों जैसे ही होते हैं लेकिन सामान्य कागजी नोटों की तुलना में अधिक मजबूत और टिकाऊ माने जाते हैं। बार-बार मुड़ने या गीले होने पर भी इनके जल्दी खराब होने की संभावना कम रहती है।
क्या बंद हो जाएंगे मौजूदा नोट?
फिलहाल ऐसा नहीं होने जा रहा है। प्लास्टिक नोटों के आने का मतलब यह नहीं है कि कागजी नोट तुरंत बाजार से गायब हो जाएंगे। दोनों तरह की करेंसी एक साथ चलन में रहेगी। RBI पहले सीमित स्तर पर इसका परीक्षण करेगा और उसके बाद ही बड़े स्तर पर कोई फैसला लिया जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत ₹10 और ₹20 के नोटों से की जाएगी। इसकी वजह यह है कि ये नोट सबसे ज्यादा इस्तेमाल होते हैं और जल्दी खराब भी हो जाते हैं। यदि परीक्षण सफल रहा तो आने वाले समय में दूसरे मूल्यवर्ग के नोटों को भी पॉलीमर में बदला जा सकता है।
जानकारी के मुताबिक ट्रायल के नतीजे सकारात्मक रहने पर RBI वर्ष 2027 से पॉलीमर नोटों को बड़े पैमाने पर जारी करने की दिशा में कदम बढ़ा सकता है। हालांकि इस संबंध में अभी अंतिम फैसला परीक्षण पूरा होने के बाद ही लिया जाएगा।
दुनिया के कई देशों में पॉलीमर करेंसी पहले से इस्तेमाल हो रही है। इन नोटों को ज्यादा सुरक्षित, टिकाऊ और नकली नोटों पर रोक लगाने में अधिक प्रभावी माना जाता है। अब भारत भी इसी दिशा में कदम बढ़ाने की तैयारी कर रहा है।