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डॉलर के मुकाबले रुपया 13 पैसे टूटकर 86.47 पर बंद, ये रही बड़ी वजह

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार (Interbank Foreign Exchange Market) में बुधवार को अमेरिकी डॉलर (US Dollar) के मुकाबले रुपया 13 पैसे की गिरावट के साथ 86.47 (अस्थायी) पर बंद हुआ। बता दें कि जोखिम लेने से बचने तथा कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण रुपये में यह गिरावट आई है।

By santosh singh 
Updated Date

मुंबई। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार (Interbank Foreign Exchange Market) में बुधवार को अमेरिकी डॉलर (US Dollar) के मुकाबले रुपया 13 पैसे की गिरावट के साथ 86.47 (अस्थायी) पर बंद हुआ। बता दें कि जोखिम लेने से बचने तथा कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण रुपये में यह गिरावट आई है। विदेशी मुद्रा कारोबारियों (Forex Traders) ने कहा कि कमजोर घरेलू शेयर बाजारों और डॉलर की मजबूती के बीच रुपये में गिरावट आई।

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उन्होंने कहा कि इसके अलावा वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और विदेशी निवेशकों की बिकवाली दबाव के कारण भी रुपये पर दबाव रहा। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति के कारण घरेलू बाजार में गिरावट आई।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार (Interbank Foreign Exchange Market) में डॉलर के मुकाबले रुपया 86.42 पर खुला तथा 86.25 के उच्चतम स्तर और 86.57 के निचले स्तर को छूने के बाद कारोबार के अंत में 86.47 (अस्थायी) पर बंद हुआ। यह पिछले बंद से 13 पैसे की गिरावट है। मंगलवार को रुपया 30 पैसे की गिरावट के साथ 86.34 पर बंद हुआ था।

मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक, अनुज चौधरी (Anuj Chaudhary, Research Analyst, Mirae Asset Sharekhan) ने कहा कि हमें उम्मीद है कि वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचने और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर चिंता के कारण रुपया नकारात्मक रुख के साथ कारोबार करेगा। पश्चिम एशिया (West Asia) में बढ़ते तनाव का असर रुपये पर पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि तनाव में किसी भी तरह की कमी से वैश्विक जोखिम वाली परिसंपत्तियों में सुधार देखने को मिल सकता है। कारोबारी अमेरिका से साप्ताहिक बेरोजगारी दावों के आंकड़ों से संकेत ले सकते हैं। इसके अलावा, वे फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (एफओएमसी) की बैठक के नतीजों का भी इंतजार कर सकते हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दर को यथावत रख सकता है। डॉलर-रुपया हाजिर कीमत 86.15 से 86.90 के बीच रहने की उम्मीद है।

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छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापने वाला डॉलर सूचकांक 0.17 प्रतिशत घटकर 98.65 रह गया। वैश्विक तेल मानक माने जाने वाले, ब्रेंट क्रूड की वायदा कीमत 0.86 प्रतिशत घटकर 75.79 डॉलर प्रति बैरल रह गयी।

घरेलू शेयर बाजार में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 138.64 अंक टूटकर 81,444.66 अंक, जबकि एनएसई निफ्टी 41.35 अंक की गिरावट के साथ 24,812.05 अंक पर बंद हुआ। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) पूंजी बाजार में शुद्ध लिवाल रहे। उन्होंने मंगलवार को शुद्ध आधार पर 1,482.77 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

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