1. हिन्दी समाचार
  2. दिल्ली
  3. अब स्कूलों में मिलेगी सेक्स एजुकेशन, केंद्र सरकार का बड़ा एलान

अब स्कूलों में मिलेगी सेक्स एजुकेशन, केंद्र सरकार का बड़ा एलान

देश में सेक्स एजुकेशन (Sex Education) को लेकर एक झिझक लंबे वक्त से चली आ रही है, वह अब खत्म होने की कगार पर है। इसकी वजह है कि सरकार ने सेक्स एजुकेशन (Sex Education) को स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने की तैयारी कर ली है।

By santosh singh 
Updated Date

नई दिल्ली। देश में सेक्स एजुकेशन (Sex Education) को लेकर एक झिझक लंबे वक्त से चली आ रही है, वह अब खत्म होने की कगार पर है। इसकी वजह है कि सरकार ने सेक्स एजुकेशन (Sex Education) को स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने की तैयारी कर ली है।

पढ़ें :- टीनएजर्स के बीच $ex अपराध कैसे? सुप्रीम कोर्ट ने बीच सुनवाई में ऐसा क्यों कहा, ये उम्र तो...

केंद्र सरकार (Central Government) ने सुप्रीम कोर्ट में बताया है कि देशभर के स्कूलों में सेक्स एजुकेशन (Sex Education) शुरू करने की तैयारी है और कोर्ट की मंजूरी के बाद इसे लागू किया जाएगा। एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी (Additional Solicitor General Aishwarya Bhati) ने जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और आर. महादेवन की बेंच के सामने यह बात रखी।

सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई

दरअसल सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सोमवार को किशोरों के आपसी सहमति वाले प्रेम संबंधों से जुड़े मामलों में पोक्सो कानून के दुरुपयोग पर चिंता जताई। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कहा कि कई मामलों में 16 से 18 वर्ष की उम्र के किशोर संबंध बनाकर घर छोड़ देते हैं और अभिभावक झूठी सम्मान के नाम पर आपराधिक कार्रवाई शुरू करा देते हैं।

केंद्र सरकार (Central Government)  ने महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (Ministry of Women and Child Development) के एडिशनल सेक्रेटरी की अध्यक्षता में 26 सदस्यों वाले एक पैनल का गठन किया था, जिसे पॉक्सो एक्ट के संदर्भ में आपसी सहमति से यौन संबंध बनाने वाले किशोरों की निजता के अधिकार से जुड़े मुद्दों की जांच करनी थी।

पढ़ें :- Ram Mandir Donation Theft Case : सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, यूपी सरकार व ट्रस्ट से जवाब मांगा, SIT से मांगी स्टेटस रिपोर्ट

पैनल ने दिया सुझाव

पैनल ने अपनी रिपोर्ट में सुझाव दिया कि स्कूलों के पाठ्यक्रम में व्यापक सेक्स एजुकेशन (Sex Education) और बच्चों के यौन शोषण जैसे विषय शामिल किए जाएं। पैनल ने यह भी सिफारिश की है कि NCERT इसका पाठ्यक्रम तैयार करे। सेक्स एजुकेशन को नई शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप लागू करने को कहा गया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि प्राइमरी स्कूल के लेवल से ही इन विषयों के लिए एक एक्सपर्ट टीचर की नियुक्ति की जानी चाहिए और सप्ताह में दो बार 20 मिनट के लिए इन विषयों की क्लास अनिवार्य रूप से होनी चाहिए।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...